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Hillvarta News:

पिथौरागढ़ । हिमालय डिफेंस सोसाइटी ने आज अल्मोड़ा/पिथौरागढ़ के सांसद अजय टम्टा से मुलाकात कर क्षेत्र में सेना की भर्ती साल में एक बार ही होने पर अफसोस जताया है । सोर सैनिक और सामाजिक संगठन के बैनर तले पूर्व सैनिकों और सैन्य अधिकारियों के एक दल ने सांसद को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन भी सौपा ।

पूर्व सैनिकों का कहना है कि सरकार कुमायूं में भी गढ़वाल राइफल्स की तरह ही कुमाऊ राइफल्स बनाए । यहां स्थित कुमायूं रेजिमेंट सेंटर गोकि यहां के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से बना था लेकिन धीरे धीरे रेजिमेंट में जाट राजपूत नागा लोगों को लिए जाने से कुमाउनी युवाओं के अवसर कम हुए हैं । जबकि गढ़वाल राइफल्स की 22 बटालियनों में स्थानीय युवाओं को ही लिया जाता है ।

कुमाऊं रेजिमेंट में गैर कुमाऊनी लोगों की भर्ती की जाती है जिससे यहां के बेरोजगारों का हक मारा जाता है चूंकि पर्वतीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर नही के बराबर हैं जिसके लिए नई संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए । सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेज में यहां के लोगों का शानदार प्रदर्शन रहा है युवाओं में सेना के प्रति लगाव भी जबदस्त है इसलिए यह आवश्यक है कि उनके मनोबल को किसी तरह आघात न पहुचे और उनके इस जज्बे को बरकार रखने के अवसर मिलने चाहिए ।

पूर्व सैनिकों ने सांसद अजय टम्टा के सम्मुख विस्तार से कुमाऊं रेजिमेंट के गठन को लेकर कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट स्थापित करने के पीछे के उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के मेहनती युवाओं का देश सेवा में उपयोग और इन जिलों की बेरोजगारी को कम करना था लेकिन राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण कुमायूं के युवाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा है । उन्होंने मांग की है कि कुमायूं में भी गढ़वाल राइफल्स की तरह यहीं के युवाओं के लिए सत प्रतिशत भर्ती की प्रकिर्या चलाई जानी चाहिये ।

पूर्व सैनिकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हालिया उत्तराखंड के इन जिलों में भर्ती साल में एक बार कर दी गई है जबकि पूर्व में यह हर तीसरे माह होती थी उन्होंने सांसद से मांग की है कि पूर्व की भांति हर 3 महीने में सेना की भर्ती कराई जाए । “हिमालया डिफेन्स सोसाइटी, पिथौरागढ़, के मेजर ललित सिंह, राम दत्त, रमेश सिंह, देव सिंह ,मयूख भट्ट सहित दर्जन भर पूर्व सैनिकों ने सांसद से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क

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