Breaking News

Big breaking:2023 के बाद Johnson & Johnson टेल्क पाउडर होगा बाजारों से गायब, पाउडर में कैंसर के लिए जिम्मेदार अवयव मिलने के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना,पूरी खबर पढिये@हिलवार्ता Good initiative : रामनगर स्थित public school ने उत्तराखंड के आजादी के नायकों की फ़ोटो गैलरी बनाकर की मिशाल कायम,खबर विस्तार से@हिलवार्ता Big Breaking: उत्तराखंड के लाल लक्ष्य सेन ने commenwealth games का स्वर्ण पदक जीत रचा इतिहास,पूरी खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : दुखद खबर: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक का निधन, पूरी जानकारी @हिलवार्ता Haldwani धरना अपडेट :सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन, एक हप्ते में होगा समाधान ,जलभराव से निजात के लिए चल रहा धरना स्थगित,विधायक भी पहुँचे धरनास्थल,खबर@ हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

आईआईटी रोपड़ पंजाब और आस्ट्रेलिया की मनास विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स ने फेक- बस्टर डिवाइस बनाया है जो किसी भी तरह के ऑनलाइन मीटिंगों में फरेब करने वालों को ठिकाने लगाने में सक्षम है ।

कोविड 19 संक्रमण दौर में ऑनलाइन मीटिंग ऑनलाइन पढ़ाई महत्वपूर्ण बैठकों यानी वर्चुअल माध्यमों में फेस बदलकर या फेक आईडी से कई अवांछित लोगों की उपस्थिति दर्ज हुई है । जिसे रोकने की कोशिशें जारी थी । आज आईआईटी रोपड़ के अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने मनास यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस डिवाइस का निर्माण किया है ।

माना जा रहा है कि इससे मीडिया शोशल मीडिया में चलाए जाने वाले फेक न्यूज /Videos में छेड़छाड़ करने वालों/ गलत इन्फॉर्मेशन को प्रसारित सम्बंधित खबरों को भी चेक किया जा सकता है । शोशल मीडिया के इस दौर में फेक इन्फॉर्मेशन की बाढ़ सी आ गई है । बिना किसी ऑथेंटिक सोर्स के फेक इन्फॉर्मेशन, एडिटेड vedios आते रहते हैं जिसे इस डिवाइस से पकड़ने में मदद मिलेगी । संस्थान के चार सदस्यीय टीम ने इसके निर्माण में भूमिका अदा की है । डॉ अभिनव धाल एवं एसोसिएट प्रोफेसर रामनाथ सुब्रमण्यम ने अपने स्टूडेंट विनीत मेहता और पारुल गुप्ता के सानिध्य में इस प्रोजेक्ट पर काम किया है डॉ धाल के अनुसार इस टूल की सटीकता 90 प्रतिशत है । उन्होंने कहा है कि बारीक कृत्रिम बौद्धिकता तकनीक (Artificial intelligence ) से मीडिया विषयवस्तु (mediacontent) के साथ छेड़छाड़, फेरबदल करने की घटनाएं बढ़ती जा रही है । ऐसे दौर में सही और गलत का पता लगाना कठिन होता जा रहा है । जिसका सुरक्षा पर दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ सकता है, फेक-बस्टर डिवाइस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉल्यूशन से अलग है इसे जूम और स्काइप एप्लिकेशन पर परखा जा चुका है ।

टीम ने दावा किया है कि फेक-बस्टर ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसकी डीप फेक डिटेक्टन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल द्वारा लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान फरेबियों को पकड़ा जा सकता है । बताया जा रहा है कि डिवाइस का परीक्षण हो गया है जिसे जल्द बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है ।

फेसबुक ,व्हाट्सएप,इंस्टाग्राम टेलीग्राम यूट्यूब सहित कई सोशल माध्यमों में वीडियो एडिटिंग कर फेंक इन्फॉर्मेशन की बाढ़ सी आ गई है अपने निजी हितों से लेकर राजनीतिक स्तर पर vedio में छेडछाड कर बनाये जा रहे फेक समाचारों पर इस डिवाइस से रोक कितनी लग सकती है यह देखना होगा । लेकिन ऐसे दौर में फेक बस्टर जैसे डिवाइस की बहुत जरूरत थी जिसे आज आईआईटी रोपड़ ने बना लिया है ।

By Oppandey

हिलवार्ता न्यूज डेस्क

, , , , , , , ,
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments