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भारत में बॉक्सिंग के पितामह कहे जाने वाले,सर्विसेज की ओर से खेलते हुए भारत को पहला पदक दिलाकर अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले मुक्केबाज कैपटन हरि सिंह थापा ने आज 12.40 बजे पिथौरागढ़ अपने निवास में अंतिम सांस ली । भारतीय बॉक्सिंग के भीष्म पितामह कहे जाने वाले हरि सिंह थापा की उम्र 89 साल थी ।

मूल रूप से पिथौरागढ़ के निवासी हरि सिंह थापा भारतीय बॉक्सिंग की जान कहे जाते थे । भारत के सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर्स में हरिसिंह जी का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है विश्वपटल में भारतीय मुक्केबाजी का परचम लहराने वाले ओम प्रकाश भारद्वाज, पद्म बहादुर मल्ल, एम के राय, एसके राय अनिल विश्वकर्मा, धर्मेंद्र भट्ट भास्कर भट्ट, राजेंद्र सिंह, प्रकाश थापा हवा सिंह, संतोष भट्ट जैसे खिलाड़ियों को तराशने वाले गुरु कोच कैप्टन हरि सिंह थापा ही थे । हरि सिंह थापा का जन्म 14 अगस्त 1932 को झांसी में हुआ हरि सिंह थापा के पिता जीत सिंह थापा तब ब्रिटिश इंडियन ट्रूप्स में नॉकरी करते थे । सेवानिवृत्त होकर उन्होंने मऊ मे नौकरी की । जिस कारण स्व. थापा की स्कूल तक की पढ़ाई मऊ में ही हुई । हाई स्कूल के बाद थापा ने सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर की बॉय रेजिमेंट में दाखिला ले लिया । खेलो में रम जाने की ललक उनमे बचपन से थी पहले फुटबाल फिर बॉक्सिंग को उन्होंने करियर बना लिया ।

Cpt hari singh thapa(file photo)

बॉक्सिंग को अपने करियर के रूप में चुन 1950 में हरि सिंह ने राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के मिडिलवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीता । 1950 से 1959 तक थापा मिडिलवेट वर्ग के सर्विसेज के चैंपियन बॉक्सर रहे । 1957 में रंगून में हुई दक्षिण पूर्व एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आपने गोल्ड मेडल जीता एशियाई खेलों का रजत पदक अपने नाम कर देश का गौरव बढ़ाया । 1961 में कैप्टन हरि सिंह थापा राष्ट्रीय बॉक्सिंग टीम के कोच नियुक्त हुए 1965 तक इस पद पर रहे ।सेवानिवृत्त होकर वह पिथौरागढ़ अपने मूल निवास वापस आ गए।जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई । बॉक्सिंग का जुनून बच्चों में विकसित कर उन्होंने प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया । आज देश मे उनके शिष्यों ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब नाम कमाया है । बॉक्सिंग में भारत को पहला पदक दिलाने वाले कैप्टन हरि सिंह थापा को उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2014 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया ।

कैप्टन हरि सिंह थापा के निधन पर उत्तराखंड सहित देश के खेल प्रेमियों ने दुख जाहिर करते हुए खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है । ओलंपिक और उत्तराखंड बॉक्सिंग ऐसो. के अधिकारियों / सहयोगियों धर्मेंद्र भट्ट, गोपाल खोलिया, मुखर्जी निर्वाण, जोगेंद्र बोरा, जोगेंद्र सौंन ,संजीव पौरी, डॉ भुवन तिवारी, नवीन टम्टा, भाष्कर भट्ट,सीके जोशी,पूरन बोरा, विनोद तिवारी सहित कई सदस्यों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क रिपोर्ट ।

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