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उत्तराखंड में मानसून शुरू हो चुका है विगत 2 दिन से कई जगह तेज तो कई जगह रुक-रुक कर बारिश हो रही है बारिश के बाद गर्मी से निजात जरूर मिली है लेकिन दिक्कतें भी बढ़ रही हैं राज्य में कई जगह सड़कें टूटने से आवागमन में दिक्कतें आ रही है । मानसून आने से काश्तकारों में खुशी है खेती पेड़ पौधों के लिए मानसून किसी वरदान से कम नहीं लेकिन इस खूबसूरत पहलू का एक डरावना पक्ष भी है क्योंकि बरसात में कई तरह की बीमारियों का भी डर रहता है । मानसून के सीजन में होने वाली बीमारियों के संदर्भ में कोरोनेशन अस्पताल देहरादून के वरिष्ठ डॉक्टर एन एस बिष्ट से बातचीत का व्योरा प्रस्तुत कर रहे हैं । आशा है यह जानकारी आपको बेहतर स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी ।

डॉ एन एस बिष्ट ने मानसून के मौसम में होने वाली बीमारियां और उसकी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है । डॉ के अनुसार बरसात में थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है इस सीजन में होने वाली पांच प्रमुख बीमारियों के बारे में बात करते है । मलेरिया, हैजा, टाइफाइड, चिकनगुनिया, और सर्दी जुकाम ।

इस सीजन में मलेरिया आम बीमारी है जोकि मच्छरों की वजह होती है बारिश की वजह गहरी जगहों में पानी रुकता है जिसमे मच्छर का लार्वा विकसित होता है अगर पानी इकट्ठा होने वाली जगह को साफ रखा जाए साथ ही कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जाए तो इससे बचा जा सकता है ।

इस सीजन में अक्सर होने वाली दूसरी बीमारी हैजा है । हैजा विशेषकर संक्रमित फलो,दूषित पानी और खुले में रखे खाद्य पदार्थो के सेवन से होता है इसलिए पानी फल सब्जी का सेवन ठीक से करना चाहिए ।

इस सीजन में तीसरी बीमारी टाइफाइड है । डॉ बिष्ट बताते हैं कि टायफाइड भी दूषित जल और भोजन की वजह ही होता है । जिसमे तेज बुखार, कभी कभी चक्कर, थकान कमजोरी,और भूख न लगने जैसे लक्षण होते हैं ऐसे में जितना अधिक हो तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए । डॉ बिष्ट कहते हैं कि टाइफाइड की पित्ताशय संक्रमण लम्बा रहता है इसलिए पानी और भोजन में सावधानी लगातार बरती जानी चाहिए । पानी उबालकर ठंडा कर ही पीएं ।

सीजन की चौथी बीमारी चिकनगुनिया है जो एडीज एजिप्स नामक मच्छर के काटने की वजह होती है । चिकनगुनिया खतरनाक लक्षणों के साथ जानलेवा हो सकता है तेज बुखार के साथ मितली, चक्कर आना, इसके लक्षण हैं इसे भी आसपास साफ सफाई से दूर भगाया जा सकता है ।

सीजन की पांचवी बीमारी सर्दी जुकाम है अत्यधिक नमी के कारण हमारे आसपास अनेक तरह के बैक्टीरिया virus पनपते हैं । जिस कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है बारिश में सर्दी जुकाम आम है जिसके लिए पुनः साफ सफाई और भीगने से बचना चाहिए ।

डॉ एन एस बिष्ट सलाह देते हैं कि बारिश में ही जगह-जगह जलभराव की वजह वायरस बैक्टीरिया की संभावना को समाप्त करना ही पहला उपचार है । दूषित जल और साग सब्जियों का प्रयोग न करें । उल्टी दस्त पेट दर्द बेचैनी प्यास ज्यादा लगना जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर के उचित सलाह लेना आवश्यक है ।

डॉ बिष्ट ने बताया कि इस सीजन में इन पांच मुख्य बीमारियों के अलावा त्वचा संबंधी रोग भी बहुतायत होते हैं । जिनकी रोकथाम और लक्षणों पर हिलवार्ता में जल्द विस्तृत रपट आपके लिए हम ला रहे हैं ।

डॉ एन एस बिष्ट प्रदेश के सीनियर फिजिशियन हैं हाल कोरोनेशन हॉस्पिटल देहरादून में अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।

हिलवार्ता हेल्थ डेस्क

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