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पिथौरागढ़ : प्रतिष्ठित रुमेटोलॉजिस्ट डॉ कमल भट्ट ने सीमान्त जिले के मुख्यालय पहुच निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में रूमेटॉयड आर्थराइटिस, सहित ऑटो इम्यून डिजीज के बारे में लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई ।

यहां नगर पालिका सभागार में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की । शिविर में डॉ कमल भट्ट द्वारा गठिया रोग और ऑटो इम्यून बीमारियों से निपटने के उपायों की जानकारी साझा की । डॉ भट्ट ने बताया कि गठिया रोग का इलाज बहुत आसानी से निदान योग्य है लिहाजा मरीज अपनी दैनिक दिनचर्या और खानपान में विशेष ध्यान दें ।

डॉ भट्ट के अनुसार अधिकांश बीमारियां और दर्द शरीर के ऑटो मैकेनिज्म पर आधारित होती है अगर ऑटो मैकेनिज्म को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाए तो इसका निदान यानी दर्द से राहत मिल सकती है । डॉ भट्ट ने शिविर में मरीजों को सलाह दी और बताया कि समय पर दवाओं का सेवन और छोटी छोटी एक्सरसाइज से गठिया जैसे असाध्य रोग से छुटकारा सम्भव है।

डॉ कमल भट्ट बताते हैं कि लोगों को इस तरह रोगों के निदान की जानकारी बहुत कम है, यह भी आवश्यक है कि बीमारी का इलाज योग्य चिकित्सक और पद्यति के तहत किया जाए । दर्द के निवारण के लिए पेन किलर कई तरह की बीमारी का कारण बन जाता है । इसलिए आवश्यक है कि उचित सलाह ली जाए ।

डॉ भट्ट ने बताया कि इंडियन रुमेटोलॉजी असोसिएशन विभन्न माध्यमों से जनजागरूकता का कार्य भी कर रही है । उन्होंने कहा कि अगर मरीज को लंबे समय से जोड़ों में दर्द,जोड़ों को हिलाने में किसी तरह की परेशानी, पीठ, मांसपेशियों में जकड़न,सीढ़ी चढ़ने उतरने में कठिनाई,सहित बैठने में दर्द महसूस हो, रुमेटोलॉजिस्ट की राय लेनी आवश्यक होगी ।

इसके अलावा बार बार बुखार आना त्वचा पर चक्कते, बालों का झड़ना, जोड़ों में सूजन और लालिमा और झागदार पेशाब आना इस बीमारी के सुरुवती लक्षण हैं । जिसे उपयुक्त चिकित्सकीय सुझाव से ही ठीक किया जा सकता है ।
मुख्यालय में सुदूर क्षेत्रों से पहुचे लोगों एवं आयोजकों ने डॉ कमल भट्ट द्वारा निशुल्क जांच शिविर मे पहुचने पर स्वागत और आभार प्रकट किया ।

हिलवार्ता हेल्थ डेस्क 

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