Connect with us

उत्तराखण्ड

Good News : राजकीय मेडिकल कालेज हलद्वानी, जनरल सर्जरी और ईएनटीपीजी में पीजी पाठ्यक्रम की अनुमति मिली, एनएमसी ने दिखाई हरी झंडी,खबर@हिलवार्ता

राजकीय मेडिकल काॅलेज, हल्द्वानी के जनरल सर्जरी विभाग व ई.एनटी विभाग में पी.जी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र- छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय आर्युविज्ञान आयोग (एन.एम.सी.) ने उक्त दोनों विभागों में पी.जी पाठ्यक्रम में पुनः प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी है।

विदित हो कि विगत जनवरी 2022 में एन.एम.सीने काॅलेज प्रशासन को पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए जनरल सर्जरी विभाग व ई.एन.टी विभाग मे कुछ कमी के चलते पी.जी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर रोक लगा दी थी।

यह भी पढ़ें 👉  Nachfolgende Auslese des eigenen Casinos mit attraktivem Prämie abzuglich Einzahlung erfordert nachfolgende Wachsamkeit

एनएमसी द्वारा भेजे गये पत्र के जवाब में प्राचार्य डा अरूण जोशी ने जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा.राजीव सिंह व ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डा.शहजाद अहमद को अधिकृत करते हुए एन.एम.सी. के समक्ष काॅलेज प्रशासन का पक्ष रखने हेतु निर्देशित किया गया। डा. राजीव सिंह व डा. शहजाद अहमद ने अपन-अपने विभागों से संबंधित आपत्तियों को एन.एम.सी. के समक्ष स्पष्ट किया, जिसके फलस्वरूप आज 2 फरवरी बुधवार को एन.एम.सी. ने जनरल सर्जरी विभाग में पी0जी पाठ्यक्रम की 9 सीटों व ईएनटी विभाग में पीजी पाठ्यक्रम की 2 सीटों पर पुनः प्रवेश की अनुमति दे दी है ।

यह भी पढ़ें 👉  Zusatzliche zum Protest Slot � Arbeitsgang unter zuhilfenahme von Kostenfrei Pramie

गौरतलब है कि राजकीय मेडिकल कालेज ने नेशनल मेडिकल काउंसिल से बिगत वर्ष सर्जरी और ईएनटी विभाग मे पीजी की सीट बढ़ाने का आवेदन किया था टीम ने 26 जून 2020 को मेडिकल कालेज में निरीक्षण पश्चात अपनी रिपोर्ट दी और पाया कि सर्जरी विभाग में तीन असिसटेंट प्रो.और तीन रेजिडेंट डॉक्टर्स की कमी है इसलिए एनएमसी ने मान्यता से इनकार कर दिया था ।

यह भी पढ़ें 👉  Juegos de Casino referente a Vivo Lista Argentina 2026

प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार जोशी ने बताया कि सभी कालेज द्वारा सभी मानकों को पूर्ण कर लिया गया और एनएमसी को अवगत कराएं जाने के पश्चात अनुमति मिल गई है  । उन्होंएँ खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि पीजी मान्यता मिलने से राज्य को अधिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिल सकेंगे जिनका फायदा राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों को मिल सकता है ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page

Tags

2

2