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आज से ठीक 80 साल पहले आज ही के दिन सुर साम्राज्ञी लता मंगेश्कर ने अपना पहला गाना रेडियो पर गाया ।  16 दिसम्बर 1941 में एक रेडियो स्टेशन पर अपने पहले और दूसरे गाने गाकर आज ही के दिन  दीदी ने गायकी की दुनियां ने कदम रखा और आज तक पीछे मुड़कर नही देखा ।

लता मंगेश्कर इन 80 सालों में भारत की सबसे लोकप्रिय कलाकार बन गई । इस बात का जिक्र करते हुए लता दीदी ने अपने फेसबुक पेज में के माध्यम से कहा है कि अपने माता पिता की प्रेरणा और उत्साहवर्धन की बदौलत आज ही के दिन उन्हें गाने का अवसर ही प्राप्त नही हुआ बल्कि लाखो लोगों का प्यार इन्होंने पाया । उन्होंने जनता से मिले इस अपार स्नेह को आगे भी मिलने की उम्मीद की है ।

92 वर्ष की हो चुकी स्वर कोकिला ने 12 साल की उम्र से गाना शुरू किया और मुड़कर पीछे नहीं देखा । 16 दिसम्बर 1941 में गायन शुरू करते हुए उन्होंने छः दशक तक अनगिनत गाने गाए हैं । लता दीदी के नाम 30 से अधिक भाषाओं में 30 हजार से अधिक गाने गाने का रिकार्ड है ।

लता दीदी के नाम अनगिनत पुरुस्कार हैं जिनमें सिने जगत में मिलने वाला फिल्म फेयर पुरस्कार (1958, 1962, 1965, 1969, 1993 and 1994 शामिल है । उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार (1972, 1975 और 1990 मिला जबकि महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार से 1966,1967,1969 में अलंकृत किया गया दीदी को पद्म भूषण,1974 में दिया गया, दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज़ बुक रिकॉर्ड भी दीदी के नाम है जो उन्हें1989 में प्राप्त हुआ 1993 में उन्हें प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया । 1996 में फिल्म फेयर का लाइफ टाइमअचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया ।

1997 में स्क्रीन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार,1999 में राजीव गान्धी पुरस्कार, इसी साल एन.टी.आर. पुरस्कार,और – पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया । सन 2000 में उनके नाम ज़ी सिने का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड आया,जबकि 2001में उन्हें आई. आई. ए. एफ. का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और इसी वर्ष स्टारडस्ट का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया ।
स्वर कोकिला को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न”,2001 में दिया गया इसी वर्ष उन्हें नूरजहाँ पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण से नवाजा गया ।

देश की आवाज । संगीत की शान लता दीदी को हमारा प्रणाम 💐

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

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