Breaking News

Doctor,s Day 1st july 2022 special report:”अग्रिम मोर्चे पर फैमिली डॉक्टर,थीम के साथ Doctor,s Day सेलिब्रेशन आज. डॉ एन एस बिष्ट का विशेष आलेख पढिये @हिलवार्ता Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता Uttrakhand:हिमांचल की तर्ज पर राज्य में ग्रीन सेस लगाए जाने की जरूरत, बेतहासा पर्यटक,धार्मिक टूरिस्म प्राकृतिक संसाधनों पर भारी,पढ़ें@हिलवार्ता Haldwani : प्रसिद्ध लोक साहित्यकार स्व मथुरा दत्त मठपाल स्मृति दो दिवसीय कार्यशाला 29-30 जून एमबीपीजी में,100 कुमाउँनी कवियों के कविता संग्रह का होगा विमोचन, खबर@हिलवार्ता Uttrakhand : मानसून ने दी दस्तक, राज्य के मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट, मुनस्यारी ने तेज बारिश के बाद सड़क यातायात प्रभावित,खबर@हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

कुमाऊँ बैठकी होली की तैयारियां शुरू दो दिन शेष …

कलाकार अपने वाद्य यंत्रों को लयबद्ध करने लगे हैं  ढोलक और मजीरी ताल ढोल आदि कसने लगे हैं  बैठकी होली के लिए तबला और हारमोनियम सजने लगे हैं ।

जी हां उत्तराखंड के कुमायूँ अंचल में देश भर में मनाई जाने वाली तिथि से लगभग दो माह पूर्व होली का आगाज हो जाता है । यहां पौष माह के पहले रविवार से होली का शुभारंभ हो जाता है । इस बार 19 दिसम्बर को पौष का पहला रविवार है इसलिए वर्ष 2021 की होली की शुरुवात इसी दिन होगी जिसमें केवल दो दिन बचे हैं ।

कुमायूँ में इस तरह होली चार चरणों में सम्पन्न होती है । पहला चरण पौष के पहले रविवार से शुरू होता है जिसमे भक्ति रस से सरोबार गायन होता है । परंपरानुसार किसी कार्य का शुभारंभ देवताओं की स्तुति से शुरू होता है इसलिए कहा जा सकता है कि होली की शुरुवात भी देवताओं से संदर्भित होली गायन से शुरू होता है । शास्त्रीय होली के इस प्रकार को विष्णु पदीय होली भी नाम दिया गया है ।

फाल्गुन मास की पूर्णिमा से बसन्त पंचमी तक अर्धश्रंगार की होली गायन होगा इसके बाद धीरे धीरे बसंत तक श्रंगार रस आधारित होली गायन परवान चढ़ने लगता है ।  शिव रात्रि तक यह शिलाशिला जारी रहता है ।  इसके बाद  प्रेम श्रृंगार रस प्रधान बैठकी होली का आयोजन होली के समापन तक चलता है । कुमाऊँ में गांवों में  पारंपरिक खड़ी होली बैठकी के साथ साथ काफी लोकप्रिय है । जिसमें पांच दिन लोग पूरी तरह होली के रंगों में रंग जाते हैं । होलिका दहन तत्पश्चात भंडारे का आयोजन कर होली का समापन होता है ।

अलमोड़ा हुक्का क्लब सहित त्रिपुरा सुंदरी में बैठकी होली की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं । वहीं चंपावत बागेश्वर बेरीनाग रानीखेत दन्या सहित रामनगर से रविवार होली आयोजन की सूचनाएं हैं ।

हलद्वानी में हिमालय संगीत शोध संस्थान में बैठकी होली की तैयारियां जोरों पर हैं संस्थान के धीरज उप्रेती एवम प्रसिद्ध शास्त्रीय होली मर्मज्ञ डॉ पंकज उप्रेती ने बताया कि अपराह्न 1 बजे से 2021 पौष के प्रथम रविवार होली गायन की शुरुवात की जाएगी ।

ज्ञात रहे कि कुमायूँ में होली त्योहार के मनाए जाने के बाद । विदाई की होली के गीत गायन का आयोजन भी होता है । जिसे होली के बाद पड़ने वाले अंतिम रविवार को मनाया जाता है ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क की रिपोर्ट 

 

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments