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सुप्रसिद्ध होली गायक जमुना दत्त कोठारी का आज अपराह्न हृदयघात से निधन हो गया है । 6 फरवरी 1939 को जन्मे वयोवद्ध होल्यार कोठारी विगत एक सप्ताह पहले ही स्वास्थ्य खराब होने के बाद राममूर्ति अस्पताल से इलाज पर थे । आज अचानक उनकी तबियत बिगड़ी जब तक परिजन उन्हें अस्पताल ले जाते हृदयघात ने कुमायूं के बेहतरीन होल्यार को काल ने छीन लिया । अभी सात महीने पहले ही उनके ज्येष्ठ पुत्र का निधन हुआ था पुत्र की मृत्यु के बाद से स्व कोठारी सहज नहीं थे । कोठारी के परिजनों के अनुसार उन्होंने कभी जाहिर नहीं किया कि वह दुख के मारे कोई बीमारी पाल बैठे हैं । गंगोलीहाट कोठेरे के मूल निवासी जमुनादत्त कोठारी कुमायूं रेजिमेंट में बटालियन पंडित रहे ऑनरेरी कैप्टन के पद से रिटायर होकर 1986 से हल्द्वानी बस गए ।

हल्द्वानी,में स्व आनदबल्लभ उप्रेती, जनार्दन पंत ,जीवन चंद्र पंत चंद्र शेखर तिवारी सहित कुमायूंनी संस्कृति के वाहकों के साथ बैठकी होली के आयोजन सहित सामाजिक कार्यो में बढ़ चढ़ भागीदारी की, कुसुमखेड़ा क्षेत्र में मुहल्लेवार बैठकी होली का आयोजन भी करवाया । प्रोत्साहित किया, उन्हें होली के लिए जुनून था, होली प्रेमियों के वह पसन्दीदा कलाकार हुआ करते थे । कथाकार, कवि, के तौर पर जाने जाने वाले कोठारी जी गायकी के बीच हसी मजाक में किस्से कहानियों से वह मंत्रमुग्ध कर देने वाले वयक्तित्व के धनी थे । उन्हें कुमाउनी शास्त्रीय बैठकी होली के बड़े कलाकारों के रूप शुमार किया जाता है ।

वह हिमालय संगीत शोध संस्थान की होली आयोजन के नियमित सदस्य एवम पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में बैठकी होली आयोजकों में वह शामिल रहे । होली गायन और हारमोनियम वादन में वह अनूठे कलाकार थे, होली रागों का उन्हें जबदस्त ज्ञान और गायकी में उनकी पकड़ जबरदस्त थी ।


आज चित्र शिला घाट में उनकी अन्तयेष्टि की गई ।उनके कनिष्ट पुत्र कमलेश ने उन्हें मुखाग्नि दी । उनके निधन पर होल्यारों कलाप्रेमियों ने दुख जताया है । हिलवार्ता की ओर से स्व कोठारी जी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क की रिपोर्ट

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