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तीन दिन से जम्मू कश्मीर में चल रहे घटनाक्रम का पटाक्षेप आज गृह मंत्री अमित शाह ने यह कहते हुए किया है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का प्रस्ताव रख दिया है.
गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर से अनुछेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे.शाह ने राज्यसभा में आज जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 सदन में पेश कर दिया है.जिसमें भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड 1 के सिवा इस अनुच्छेद के सारे खंडों को रद्द करने की सिफारिश की गई है.चार मुख्य बिंदु जो विधेयक में कही गई है इस प्रकार हैं
1.जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया जा रहा है.2.जम्मू से 35A हटाया जा रहा है,3.जम्मू कश्मीर का दो हिस्सों में बंटवारा किया जाएगा यानी जम्मू कश्मीर अलग राज्य और लद्दाख अलग राज्य होगा
4.जम्मू कश्मीर अब विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश होगा जबकि
5.लद्दाख अब बिना विधानसभा का केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आएगा.

केंद्र शाषित राज्य होने के साथ ही अब 35A जो कि यहां के स्थायी नागरिकों को मिला प्रिविलेज भी खत्म हो जाएगा. अनुच्छेद 370, जम्मू कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी समाप्त किया जा रहा है.
तीन दिन से चल रहे घटनाक्रम में महबूबा मुफ्ती,सज्जाद लोन,और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया था,
केंद्र सरकार ने विगत तीन दिन में जम्मू कश्मीर में नेट सेवाएं बन्द का दी थी 236 कंपनी सुरक्षा बल तैनात किया गया.इसके साथ ही 8000 की संख्या में अतिरिक्त बल भी तैनात कर दिए थे.

इसका मतलब हुआ कि अब जम्मू कश्मीर भारत सरकार के अधीन आ जायेगा और उसका पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त हो जाएगा. केंद्र का मानना है कि कश्मीर की बेहतरी के लिए यह किया जाना जरूरी था और उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों की बेहतरी के लिए यह निर्णय लिया है.सरकार ने राज्यसभा में बहुमत पूर्ण कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है इसका मतलब हुआ कि विधेयक को मंजूरी मिलना तय है
देखना होगा कि केंद्र के इस निर्णय पर कश्मीरी जनप्रतिनिधियों, विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया कैसी आती है,घटनाक्रम पर हिलवार्ता की नजर बनी रहेगी.
हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta.com

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