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लगन जुनून जज्बा हो तो हिमालय साधने वालों की कमी नही हैं जिस उम्र में लोग रिटायर्ड होने के बाद अपने नजदीक अस्पताल बाजार ढूढ़ते हैं उस उम्र में अगर रिटायर्ड होने के बाद उन तमाम सुख सुविधाओं को छोड़ पहाड़ में एक छोटा सा घर बना ले और संकल्प ले ले कि उसे गांव के वंचित बच्चों को देश की मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयास करने चाहिए आप क्या कहेंगे वाह ना । जी यही सब किया है
नैनीताल जिले के रिमोट कहलाने वाले गरमपानी से 10 किमी अंदर बेतालघाट ब्लॉक के सीम गांव में आ बसे श्री अतुल साह और उनकी श्रीमती जया साह ने .

चिलन्ड्रेन्स लाइब्रेरी चलाते हैं गांव के कक्षा 3 से कक्षा 12 तक के बच्चों को गणित अंग्रेजी कंप्यूटर की मुफ्त कोचिंग देते हैं जिसमे गणित के लिए गांव के शिक्षक कृपाल बिष्ट न्यून मानदेय पर,और हिमानी जोशी कंप्यूटर पढ़ाती हैं अतुल साह की पत्नी जया साह बिना किसी मानदेय अंग्रेजी पढ़ाती हैं । बच्चे सप्ताह में तीन दिन लाइब्रेरी में रखी गई विभिन्न विषयों की किताबों को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं अतुल साह बताते हैं, बच्चे बाहर सेटल हैं उन्हें मन मे था कि शहर में शरीर दिमांग को कुंद करने से बेहतर पहाड़ में बसेंगे वहाँ जाकर बच्चों के लिए कुछ करेंगे यही जज्बा उन्हें इस सीम गांव तक ले आया जहाँ से अधिकतर सम्पन्न लोग सुख की खोज में 50 डिग्री तापमान को अनदेखा कर उन शहर कस्बों को भागे जा रहे हैं जहां सांस लेना भी दूभर है । इसे जज्बा जुनून और लगन ही कहेंगे कि अतुल साह और उनकी पत्नी वह सब कर रहे हैं जो सिस्टम नहीं कर पाया ।

श्री साह ने बताया कि उन्होंने अपने छोटे से घर के बेसमेंट में एक लाइब्रेरी स्थापित की है जिसका नाम हैप्पी चिल्ड्रेंस लाइब्रेरी रखा है उन्होंने बताया कि हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरीअपना तीसरा वार्षिकोत्सव मना रही है जिसमे एडवेंचर, विज्ञान मेले और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, रविवार को शुरू हुए इस समारोह के पहले कार्यकम में गाँव के 37 बच्चों ने ‘एडवेंचर टूर’ में हिस्सा लिया. वार्षिक समारोह का दूसरा कार्यक्रम मंगलवार को तीन दिवसीय अनुभव आधारित बाल विज्ञान कार्यशाला की शुरूआत से होगा. कार्यशाला में सीम व निकटवर्ती गांवों के जूनियर हाईस्कूल व हाईस्कूल कक्षाओं के 40 बच्चे हिस्सेदारी करेंगे. समारोह का समापन गुरुवार 6 जून को विज्ञान मेले और रंगारंग कार्यक्रम के साथ होगा.
हैप्पी चिल्ड्रेन्स लाइब्रेरी के संस्थापक श्रीमती जया व अतुल शाह ने बताया कि लाइब्रेरी अपने स्थापना दिवस को वार्षिकोत्सव के रूप में मनाती है. 1 जून 2016 को स्थापित यह लाइब्रेरी आज बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय सामुदायिक केंद्र का रूप ले चुकी है. यहाँ प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के बच्चों को पुस्तकों के साथ-साथ गणित, अंग्रेजी और विज्ञान की पढ़ाई में मुफ्त मदद दी जाती है. इसके अलावा यहाँ बच्चे व बड़े समय-समय पर होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं.
इस वर्ष के वार्षिकोत्सव का प्रारंभ एक ‘एडवेंचर टूर’ से किया गया. इसे ‘कैंप सुनकिया- मुक्तेश्वर’ के जीवन डंगवाल की टीम ने आयोजित किया. इसमें बच्चों को पदमपुरी के निकट की नदी में ‘रैपलिंग’ और तैराकी कराई गयी. बच्चे रस्सी की सहायता से 100 फीट ऊँची चट्टान से नीचे उतरे और उन्हें फिर नदी में जम्पिंग और तैराकी सीखी. बच्चों ने सुनकिया कैंप में फुटबॉल, बैडमिंटन और थ्रो-बाल खेला और टीम बिल्डिंग के कार्यक्रम में भी भाग लिया.
मंगलवार से शुरू हो रही बाल विज्ञान कार्यशाला में बच्चे मामूली या बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से प्रकाश, चुम्बक, गुरुत्व, दाब व जीव विज्ञान आदि विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं पर कार्यकारी मॉडल बनाएंगे. यह कार्यशाला प्रथम ऐजुकेशन फाउंडेशन के अलायंस फॉर साइंस अभियान के अकादमिक सहयोग से संपन्न की जा रही है. अभियान के सदस्य आशुतोष उपाध्याय, आशीष कांडपाल और आरती उपाध्याय विज्ञान कार्यशाला का संचालन करेंगे.

गुरुवार को वार्षिकोत्सव के समापन के अवसर पर विज्ञान कार्यशाला में शामिल बच्चे अपने बनाए मॉडलों को एक विज्ञान मेले में प्रदर्शित करेंगे. समापन समारोह में रंगारंग अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे जिसमें लाइब्रेरी में नियमित रूप से आने वाले बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे.
ओपी पाण्डेय
@ Editors desk
hillvarta.com

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