Breaking News

Big breaking: उत्तराखंड में चुनाव पूर्व सियासी ड्रामा चालू आहे । अब हरक सिंह रावत को पार्टी और केबिनेट से निकाले जाने की खबर : देर रात हुआ सब कुछ पढ़िए @हिलवार्ता BIG NEWS: लक्ष्य सेन इंडिया ओपन जीते, फाइनल में 24-22,21-17 से विश्व विजेता खिलाड़ी को दी शिकस्त,पूरी खबर @ हिलवार्ता Big Breaking : लक्ष्य सेन India Open Badminton 2022 के फाइनल में पहुँचे, विश्व चेम्पियन लोह किन यू से होगा मुकाबला : पूरी खबर @हिलवार्ता विधानसभा चुनाव 2022 : पर्वतीय क्षेत्रों में कम लोग कर रहे मतदान, 2017 का ट्रेंड जारी रहा तो कई दलों का चुनावी गणित होगा प्रभावित, विशेष रिपोर्ट @हिलवार्ता विधानसभा चुनाव 2022: हलद्वानी में मेयर डॉ जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ही होंगे भाजपा के खेवनहार, सूत्रों से खबर @हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कुमाऊनी,गढ़वाली और जौनसारी भाषा अकादमी के गठन की आज घोषणा की है जिसके उपाध्यक्ष लोक गायक हीरा सिंह राणा होंगे.दिल्ली प्रवासियों द्वारा यह मांग लंबे समय से की जा रही थी.

दिल्ली में उत्तराखंडियों की संख्या तीस लाख से ज्यादा है,दिल्ली के जमुनापार,मयूर विहार,सराय काले खां,पांडवनगर सहित दिल्ली की दो तिहाई सीटों में बड़ा प्रभाव है, चूंकि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मयूर विहार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं लिहाजा उनका उत्तराखंडियों से जुड़ाव भी बताया जाता है,मंत्री से करीबी और लगातार मांग ने अकादमी का रास्ता प्रसस्त किया और दिल्ली सरकार ने आज उत्तराखण्डियों की मांग सहर्ष स्वीकार कर ली है.
जबकि इसी तरह की अकादमी राज्य निर्माण के 19 साल बीतने पर भी उत्तराखंड में अस्तित्व में नहीं आ पाई है, कई सवाल उत्तराखंड में सत्ता में रही राजनीतिक पार्टीयों की तरह उठते हैं कि आखिर अपनी कला संस्कृति के संरक्षण के लिए अभी तक कोई पहल क्यों नहीं हुई, इसे प्रवासियों का अपने रीति रिवाज संस्कृति के लिए प्यार ही समझा जाना चाहिए कि उन्होंने दिल्ली में रहकर अपने लिए अकादमी की मांग की और प्राप्त करने में सफल भी रहे. जबकि उत्तराखंड सरकारें अपनी धरोहर को बचाने की पहल में पीछे रह गई.
दिल्ली में अकादमी बनवाने में वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी की अहम भूमिका रही उनके साथ हिंदी भासा अकादमी के हरिसुमंन बिष्ट सहित अप्रवासी पत्रकार,सामाजिक कार्यकर्ताओं की कोशिश का नतीजा है.उत्तराखंडियो की बहुप्रतीक्षित मांग मानकर केजरीवाल सरकार का यह निर्णय विधानसभा चुनावों में उनके लिए मुफीद रहेगा ऐसा जानकर मानते हैं.
हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta. com