Breaking News

Big breaking:2023 के बाद Johnson & Johnson टेल्क पाउडर होगा बाजारों से गायब, पाउडर में कैंसर के लिए जिम्मेदार अवयव मिलने के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना,पूरी खबर पढिये@हिलवार्ता Good initiative : रामनगर स्थित public school ने उत्तराखंड के आजादी के नायकों की फ़ोटो गैलरी बनाकर की मिशाल कायम,खबर विस्तार से@हिलवार्ता Big Breaking: उत्तराखंड के लाल लक्ष्य सेन ने commenwealth games का स्वर्ण पदक जीत रचा इतिहास,पूरी खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : दुखद खबर: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक का निधन, पूरी जानकारी @हिलवार्ता Haldwani धरना अपडेट :सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन, एक हप्ते में होगा समाधान ,जलभराव से निजात के लिए चल रहा धरना स्थगित,विधायक भी पहुँचे धरनास्थल,खबर@ हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

लोकसभा चुनाव में चुनाव खर्च की सीमा 70 लाख है कितना खर्च होता है उम्मीदवार ही जानता है चुनाव आयोग में जो भी हलफनामा/खर्चे का हिसाब दिया जाता है आयोग को मान लेने के अलावा कोई दूसरा रास्ता शायद ही आज तक दिखा है, कम ही हुआ है कि ज्यादा खर्च किये जाने की रिपोर्ट के बाद किसी  भी उम्मीदवार व चुनाव को रद्द किया गया हो, अपने देश राजनीति इतनी हावी है कि आयोग में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी बचते हैं क्योंकि आगे काम भी राजनीनितिज्ञों के नीचे ही रह करना है.
अभी हफ्ते भर पहले लांच हुए tv चेनल “tv9भारतवर्ष” ने अलग अलग पार्टियों के 21 सांसदों का स्टिंग किया है जिसमे कांग्रेस भाजपा सपा बसपा आरजेडी आप  लोजपा अकाली  दल के एक से लेकर तीन तीन सांसदों के स्टिंग को दिखाया है जिसमे सांसद चुनाव में 7 से 8 करोड़ रुपया खर्च करने की बात कर रहे हैं चेनल का दावा है कि यह स्टिंग बारी बारी उसके संवाददाताओं ने फर्जी कंपनी के प्रतिनिधि बन किया है जिसमे सांसदों को पैसा देकर काम कराने की बात की जा रही है ।
भाजपा कांग्रेस सहित सभी सांसदों से लगभग एक ही तरह के प्रश्न पूछे गए हैं कि चुनाव में खर्च कैसे कहाँ करते हैं पैसा कैसे जुटाते है अगर पैसा उन्हें दिया जाय वह उसे कैसे ठिकाने लगाते हैं सबके पास उपयुक्त उत्तर है ।अधिकतर ने स्टिंग में जैसा बताया जा रहा है कहा है कि वह चुनावों में काला धन और हवाला का पैसा खर्च करते हैं और किसी न किसी तरह चुनाव आयोग की नजर से बच निकलते हैं,अधिकतर चुनाव में धनबल और शराब बाटने बटवाने की बात कर रहे हैं।
चुनाव पूर्व, हॉट हो रहा यह मुद्दा चेनल पर सुर्खियों में है महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने स्टिंग की जानकारी के बाद स्थानीय आयोग से रिपोर्ट मागे जाने की बात भी बताई जा रही है ।अभी चेनल के दावों के बाद बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया ली जा रही है इस स्टिंग ने चुनाव से पूर्व बड़े खुलासे कर चुनाव प्रक्रिया की खामियों को उजागर किया है पैसा शराब का चुनाव में कितनी बेकद्री से उपयोग हो रहा है खुद बकौल सांसदों से जानकारी पब्लिक डोमेन में डाली है, एक सत्ताधारी सांसद द्वारा एक एक रैली में 1 करोड़ का खर्च किया जाना स्वीकार करने के बाद भी आयोग क्या कर पायेगा देखना होगा, साफ है इस बात का संज्ञान चुनाव लड़ रही पार्टियों को नहीं है यह कहना गलत होगा.
यह बिडम्बना ही है कि चुनाव में सब ठीक होना इस बात पर निर्भर करेगा कि राजनीतिक दल चुनाव को कितना पारदर्शी बनाने खुद आगे आते है, कालांतर में चुनाव के तरीकों में बदलाव को लेकर जितनी भी बैठकें हुई है कोई भी राजनीतिक दल राजनीतिक सुचिता के लिए तैयार नही हुआ है। और अधिक जानकारी चेनल की साइट पर उपलब्ध है।
Hillvarta
newsdesk
@election special