Breaking News

बिग ब्रेकिंग: इंतजार खत्म,अब कभी भी जारी हो सकता है NEET UG Result 2021, सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी को परिणाम घोषित करने की दी छूट,पूरी खबर @हिलवार्ता बड़ी खबर: उत्तराखंड निवासी राष्ट्रीय (महिला) बॉक्सिंग प्रशिक्षक भाष्कर भट्ट को वर्ष 2021 का द्रोणाचार्य अवार्ड मिला,बॉक्सिंग में उत्तराखंड के पहले अवार्डी बने भट्ट,खबर विस्तार से @हिलवार्ता विशेष खबर: अलमोड़ा निवासी अमेरीकी डिजाइन इंजीनियर का मिशन है हर साल गांव आकर पढ़ाना, और गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद देना,जानिए उनके बारे @हिलवार्ता उत्तराखंड : दो पर्यटक वाहनों की टक्कर में पांच की मौत पंद्रह घायल,दो अलग अलग घटनाओं में एक हप्ते के भीतर 10 बंगाली पर्यटकों की गई जान,खबर विस्तार से @हिलवार्ता उत्तराखंड: नियोजन समिति के चुनाव न कराए जाने पर प्रदेश के जिलापंचायत सदस्य नाराज, एक नवम्बर से काला फीता बांध करेंगे विरोध, और भी बहुत,पढिये@हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

वायु सेना रिकॉर्ड कार्यालय,जिसे एएफआरओ कहा जाता है ने आज नई दिल्ली के अपने मुख्य कार्यालय सुब्रतो पार्क में आयोजित एक समारोह आयोजित किया,जिसमें संस्थान की 80 वीं वर्षगांठ मनाई गई,कार्यक्रम में सेना,वायु सेना के सीनियर ऑफिसर वायुसैनिक सेवानिवृत्त अधिकारियों ने शिरकत की.
एएफआरओ भारतीय वायुसेना का एक सबसे पुराना विभाग है,जिसकी स्थापना आजादी से पहले 1939 में अंबाला में हुई, भारतीय वायुसेना के रिकॉर्ड ऑफिस के रूप अब सुब्रतो पार्क में स्थित है इससे पहले यह आफिस आजादी तक अविभाजित भारत के लाहौर मुंबई,और मद्रास में रहा है आफिस 1941 में लाहौर में,1942 में बम्बई,1946 में मद्रास और 1947 में नई दिल्ली लाया गया.
भारत की आजादी के समय 1947 में भारतीय वायुसेना में 14100 हवाई सैनिकों का एचआर प्रबंधन की जिम्मेदारी इसी आफिस के नाम रही.2019 में आज भारतीय वायु सेना में लगभग 1,43,000 वायु सैनिक हैं जिसकी देखरेख इस महत्वपूर्ण आफिस के पास है यानी एएफआरओ को विशाल संस्थान होने का दर्जा प्राप्त है.
वायु सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार वायु सेना का स्लोगन “मिशन,अखंडता और उत्कृष्टता”संबंधी भारतीय वायुसेना के सिद्धांत का पालन करते हुए इस संस्थान की 80 वीं वर्षगांठ आज मनाई गई जिसमें वायुसेना के सभी अधिकारी,कर्मचारी शामिल रहे.
हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta.com

यह भी पढ़ें 👉  काम की खबर: दुपहिया वाहन चालक ध्यान दें, 9 माह से 4 साल तक के बच्चे को पहनना होगा हेलमेट,पूरी खबर@हिलवार्ता