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उत्तराखंड के नॉनिहालों ने सचिव शिक्षा डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम का थेंक्स किया है 4 वर्ष की डौली 7 वर्ष की गार्गी से जब पूछा गया कि अब उसे होमवर्क नहीं मिलेगा वह उछल पड़ी पूछती है कैसे ?जब उसे बताया गया कि एक आदेश हुआ है कि मेडम अब उन्हें होमवर्क के लिए खड़ा नहीं करेंगी कान नहीं ऐंठेगी,उसने तुरंत हमसे थेंक्स कहा, जब हमने कहा हमने नहीं देहरादून में एक अंकल ने कहा है वह भागते हुए बोली देहरादून वाले अंकल थेंक्स ।
जी हां उत्तराखंड में नॉनिहलों के दिन सुधरने वाले है,सचिव शिक्षा उत्तराखंड ने एक सकारत्मक कदम उठाते हुए कक्षा 2 तक के बच्चों को बड़ी राहत मुहैय्या कराने का आदेश जारी किया है,डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से आदेश जारी हुआ है कि दो साल तक के बच्चों को ज़बरदस्ती थोपे जा रहे गृह कार्य और बोझिल बैग से मुक्त किया जाय इस आशय का पत्र सचिव ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को थमा दिया है अब आगे की जिम्मेदारी निदेशक की है कि वह बचपन को बचाने के इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें.
लंबे समय से इस तरह के आदेश और बच्चों को इस व्यवस्था में झोंकने की इस कुव्यवस्था से आजिज अधिकांश पेरेंट्स के लिए यह आदेश राहत लाया है .सचिव ने कहा है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाय .कक्षा 1 से 2 को किसी भी प्रकार का गृह कार्य दंडनीय होगा वहीं कक्षा तीन से ऊपर के बच्चों को भी प्रति सप्ताह दो घंटे से अधिक का गृह कार्य नहीं देने को सुनिश्चित करने को कहा गया है .
दरसल छोटे बच्चों में स्कूली दबाव इतना ज्यादा बढ़ा दिया गया है कि उनके पास खेलने के लिये तक वक्त नहीं होता है पूरे प्रदेश में अधिकांश स्कूलों में बच्चों के खेल व्यायाम के लिये पर्याप्त जगह ही नहीं है जिस वजह स्कूलों द्वारा ली जा रही फीस और दी जा रही सुविधाओं के एवज में स्कूल और अभिवावक को संतुष्ट करने के लिए खूब होमवर्क देते आये हैं इस वजह बच्चे परेशान रहते हैं.इस आदेश के बाद बच्चों में उनका बचपन लौट आए यही कामना की जानी चाहिए.
हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta. com