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  • उतराखण्ड शासन ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य को पदोन्नति दी है प्रोफेसर सुरेश चंद्र पंत संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा के रूप में निदेशालय में कार्यभार 28 फरवरी से सम्हालेंगे ।
    नियुक्तिपत्र में प्रोफेसर पंत को निदेशक उच्च शिक्षा का प्रभार भी मिला है उच्च शिक्षा की लंबे समय से डीपीसी नहीं हुई है हालांकि राज्य के सबसे वरिष्ठ प्राचार्य प्रोफेसर सुरेश चंद्र पंत हैं अतः डीपीसी तक उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफेसर पंत रहेंगे सूत्रों के मुताबिक एक माह के भीतर डीपीसी करवाने के संकेत हैं ।
    प्रोफेसर सुरेश चंद्र पंत मूल बेरीनाग हाल हल्द्वानी निवासी हैं पंत की प्रारंभिक शिक्षा जीआई सी बेरीनाग,उच्च शिक्षा डीएसबी परिसर नैनीताल से हुई है प्रोफेसर पंत ने वर्ष 1974 में बनस्पति विज्ञान विषय मेंं एम. एस .सी .के बाद राजकीय महाविद्यालय टिहरी में प्रवक्ता बनस्पति विज्ञान के तौर पर अध्यापन शुरू किया गढ़वाल विश्वविद्यालय से प्रोफेसर एस सी तिवारी के निर्देशन में पारिस्थिकी और पर्यवरण विज्ञान में पीएचडी हासिल की .
  • प्रोफेसर पंत ने वर्ष 1975 -77 तक टेहरी, कोटद्वार 1980 से 1989तक राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर, 89 से 1996 तक बागेश्वर,1996 से 2009 तक जिसमे 2 वर्ष राधे हरि महाविद्यालय काशीपुर में बतौर रीडर प्राचार्य अपनी सेवाएं दी हैं वर्ष 2009 में उन्हें राजकीय महाविद्यालय गैरसैण का प्राचार्य का पदभार मिला, वर्ष 2011 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर के प्राचार्य का पद सम्हाल रहे पंत सरल स्वभाव के धनी हैं उनकी छवि बेहतर अकादमिक क्षमताओं से भरपूर ईमानदार प्रशासक की बताई जाती है उनके पद सम्हालने के बाद बेहतर शैक्षणिक माहौल की उम्मीद बढ़ी है ।
    संछिप्त वार्ता मेँ उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता बतौर निदेशक समस्त महाविद्यालयों में बेहतर पढ़ाई का माहौल विकसित करना है
    छात्र शिक्षक अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए उपयुक्त मंच पर प्रयास करेंगे , शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की कोशिश करेंगे, परीक्षाओं को त्रुटि विहीन साफ सुथरी बनाना पंत अपनी ड्यूटी मानते हैं, पंत के निदेशक बनने पर उनके सहयोगी सहकर्मियों ने हर्ष व्यक्त किया है ।
    Hillvarta news desk