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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में 15 अप्रैल से आवश्यक मामलों की सुनवाई विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कराई जा रही है । आज शनिवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हीरा सिंह बोनाल द्वारा जारी अधिसूचना जारी कर बताया गया है कि कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली सुनवाई के लिये विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं । जिसे हाईकोर्ट की बेवसाइड में देखा जा सकता है । रजिस्ट्रार जनरल ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई होगी । ऐसे मामले को अधिवक्ता द्वारा पी डी एफ फाइल के जरिये हाईकोर्ट की ई.मेल में भेजना होगा। जिसकी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक जांच करेंगे और यदि रजिस्ट्रार न्यायिक मामले को अर्जेंट मामले की श्रेणी में पाएंगे तो तभी मामलो को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजा जाना निश्चित हुआ है। सुनवाई के बाद मुकदमा सुनवाई के लिये दर्ज होगा ।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिये अधिवक्ता के पास हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर की सुविधा होनी आवश्यकीय बताया गया है । और अधिवक्ताओं से घर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़ने को कहा गया है । इसके लिये अधिवक्ताओं को अपने मोबाइल,कम्प्यूटर या लैपटॉप में “जीतसी मीट” या वीडियो मोबाइल डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर इनस्टॉल करने को कहा गया है ।

हाई कोर्ट नैनीताल

रजिस्ट्रार जनरल ने यह भी बताया है कि की तिथि व समय कोर्ट द्वारा ई मेल व अन्य संचार माध्यमों से दी जाएगी । सुनवाई के समय अधिवक्ता को कोर्ट की गरिमा व प्रोटोकॉल का ध्यान रखना होगा चाहे वह मुकदमे में बहस अपने घर से ही क्यों नही कर रहा हो। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सभी पक्षो और कोर्ट प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित रहेगी । कोर्ट के आदेश की प्रति भी ई मेल से ही अधिवक्ताओं को भेजी जाएगी । जिन अधिवक्ताओं के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा अपने घर पर है तो वे अपने घर से ही बहस के सकते है जिनके पास ये सुविधा नही है उनके लिए यह सुविधा कोर्ट में उपलब्ध है।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क