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राजभवन देहरादून में गांधी जयंती के अवसर पर नैनीताल निवासी वरिष्ठ पत्रकार/लेखक प्रयाग पांडे की दो पुस्तको “तपोभूमि में गांधी जी” और संयोगवश”का लोकार्पण सम्पन्न हुआ । राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने पुस्तक का विमोचन कर कहा कि लेखक ने गांधी जी के उत्तराखंड में प्रवास की रोचक ज्ञानवर्धक जानकारी का प्रस्तुतिकरण किया है जो सराहनीय है ।

संयोगवश और तपोभूमि में गांधी जी पत्रकार प्रयाग पांडे की पुस्तकें ।

तपोभूमि में गांधी जी” 200 पृष्ठों की पुस्तक में गांधी जी की जीवनी की झलक सहित उनके पुरखों (पूर्वजों) की जानकारी से लेकर उनके अंतिम पड़ाव तक की यात्रा का सजीव वर्णन किया गया है । गांधी का विदेश गमन,भारत वापसी,इंडियन ओपिनियन,फीनिक्स आश्रम,टालस्टाय फार्म,चंपारण/खेड़ा आंदोलन में गांधी की भूमिका,यंग इंडिया कुली बेगार आंदोलन,गोलमेज आंदोलन में उनकी भूमिका,जैसे विषयों को विस्तार दिया है । “तपोभूमि में गांधी जी”में इन विषयों के साथ हरिद्वार में गांधी जी बहुत रोचक है विशेषकर गांधी के उत्तराखंड प्रेम और यहां के लोगों का उनके लगाव की कहानी यहां महत्वपूर्ण है । 5 अप्रैल 1915 की शाम हरिद्वार आना और उसके बाद लगातार उत्तराखंड में आने की बहुत रोचक जानकारियों को स्थान दिया है यह ऐतिहासिक संदर्भों महत्वपूर्ण दस्तावेज की तरह है । ताड़ीखेत में महात्मा, अलमोड़ा में गांधी जी,मसीह समाज द्वारा दिया गया मानपत्र,अनाशक्ति योग की प्रस्तावना पर कौसानी का जिक्र,मसूरी,नैनीताल प्रवास की रोचक ऐतिहासिक जानकारियां पुस्तक की विशेषता है ।

राज्यपाल उत्तराखंड बेबी रानी मौर्य लेखक प्रयाग पांडेय पुस्तक विमोचन पर।


19 जून 1929 को गांधीजी नए अल्मोड़ा रैमजे इंटर कॉलेज में शुद्ध साहित्य समिति के 17वें में वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग किया इसी दिन गांधी जी ने स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित ऊन कताई प्रतियोगिता देखी जैसी छोटी से बड़ी जानकारी पुस्तक का मूल मंत्र है ।कुली बेगार आंदोलन उत्तराखंड का ऐतिहासिक स्वाधीनता आंदोलन है जिसमे गांधी जी द्वारा बागेश्वर जाकर संबोधित करने का पूर्ण विवरण दिया गया है


पुस्तक में गांधी जी का यहां के लोगों संस्कृति और सौंदर्य से लगाव के कई किस्से रोचकता से प्रस्तुत किए हैं” बापू की अस्थियां कैलाश मानसरोवर में विसर्जित “चेप्टर गांधी जी के उत्तराखंड प्रेम और यहां के निवासियों द्वारा उन्हें दिए सम्मान को दर्शाने के लिए बेहतरीन लिखा गया है । गांधी जी के यहां के स्वाधीनता आंदोलन के अग्रणी लोगों को लिखे पत्र, गांधी जी के संबोधन, आंदोलन में शरीक होने के छायाचित्र पुस्तक को विशेष बनाते हैंं ।

इससे पहले वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पांडे की “देव भूमि का रण”, नैनीताल एक धरोहर” काफी चर्चाओं में रही हैं हालिया उन्होंने संयोगवश” नामक एक और पुस्तक संपादित की है जिसमे विभिन्न संस्थानों में रहते हुए उन्होंने अपने लिखे समाचार,फीचर,समसामयिक विषयों पर लेखों की सीरीज को संजोया है । “तपोभूमि में गांधी जी” प्रयाग पांडे की चौथी पुस्तक है जिसका विमोचन “संयोगवश ” के साथ देहरादून में किया गया ।विमोचन समारोह में राज्यपाल के ए डी सी सहित हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कोठारी, पर्यावरणविद जगदीश बाबला सहित कई अन्य लोग मौजूद थे ।

एडिटर @हिलवार्ता न्यूज डेस्क

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