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अभी टिकट को लेकर असमंजस में पड़े राजनीतिक दलों के उम्मीदवार तय नहीं हुए हैं, वहीं आज भाकपा (माले ) ने अपने उम्मीदवार कैलाश पांडे को मैदान में उतार नामांकन भी करा लिया है ।
नामांकन के बाद कामरेड डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि ,”लूट-झूठ और उन्माद के खिलाफ वामपंथ की दावेदारी पेश करने के लिए माले चुनाव मैदान में है । बेरोजगारों, किसानों, मजदूरों के सवालों ज्यो के त्यों हैं पिछले कई साल उन्हें ठगा गया है, महिला सुरक्षा बड़ी समस्या है, समाज के कमजोर हिस्सों के अधिकार सुरक्षित नहीं है , आशा-आंगनबाड़ी-भोजनमाता समेत सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन के लिए संघर्षरत हैं , सिडकुल में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है, उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा , सेंचुरी मिल और सिडकुल के उद्योगों समेत यहाँ की सभी फैक्ट्रियों में स्थानीय बेरोजगारों को वरीयता देना छोड़ ,उनका शोषण किया जा रहा है ,राष्ट्रीय दलों ने जमरानी बांध पर करोड़ो खर्च किया, एक पीढ़ी जो बांध निर्माण की आशा में थी ठगी गई है । पूरा बिभाग बिना कुछ हुए रिटायर हो गया । बांध में एक ईंट तक नहीं लगी इसकी जिम्मेदार कांग्रेस भाजपा दोनो हैं ।उन्होंने अविलंब निर्माण के लिये प्रतिबधता जाहिर करते हुए कहा कि बांध न बन पाने के कारण भाभर की जमीन बंजर हो रही है लोग खेती छोड़ने को मजबूर हैं ।
बिन्दुखत्ता लालकुआं जिला नैनीताल के हाथी कॉरिडोर पर उन्होंने कहा कि उसके स्थान पर बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव बनना चाहिए, वन खत्तावासी, पहाड़ी-गुर्जरों-थारुओं के अधिकार को सुरक्षित करने, नगरों में बने प्राधिकरण खत्म किये जाना उनकी प्राथमिकता में है ।
पांडे ने प्रेस वार्ता में कहा कि “मोदी राज में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं पर जिस तरह से सुनियोजित हमले हुए हैं ,वह देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है । इसलिए सभी लोकतंत्र,अमन पसंद लोगों को मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पबद्ध होने का वक़्त अस गया है । कहा कि मोदी सरकार के खतरनाक तौर तरीकों के खिलाफ लगातार उनके मोर्चे ने संघर्ष चलाया है। जिसमे उनके अनुगामी छात्र,मजदूर,संगठन किसान संगठन हर मोर्चे डटे हैं,जिन्होंने इस सरकार के जनविरोधी एजेंडे को देश की जनता के सामने लाने के लिए लगातार जनसम्पर्क किया ,जिस कारण हालिया बड़े किसान आंदोलन हुए , उनके दबाव के कारण मोदी सरकार किसान को राहत के लिए मजबूर होना पड़ा,सरकार को किसानों को न्यून राहत पर मोदी को घेरते हुए कहा कि सरकार कॉरपोरेट को 100 प्रतिशत एनपीए देती है ,वहीं किसानों को 500 रुपया । उन्होंने पूछा कि 500 रुपये महीने में कितने लोग घर चलाने में सक्षम हैं ।
पांडे मानते हैं कि लेफ्ट कैडर ही भाजपा कैडर को पटखनी दे सकता है इसीलिए मोदी और उनकी नीतियों के लिए भाजपा को कांग्रेस से ज्यादा लेफ्ट से डर है उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस एक ही है दोनो का काम जनता का शोषण करना और कॉरपोरेट को पोषित करना मात्र है , दोनो को हराना उनका उद्देश्य है वह आस्वस्त है कि जनता उनको मौका देगी ।
भाजपा हराओ- वामपंथ को जिताओ”नारे के साथ, नामांकन करने पहुचे कैलाश पांडे के साथ माले उत्तराखंड राज्य सचिव कामरेड राजा बहुगुणा सहित बड़े नेता, सैकड़ों समर्थक मौजूद थे ।
राजा बहगुणा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर मौजूदा सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से हमले किये है , जिसकी मजम्मत जरूरी है उन्हीने कहा कि कामरेड कैलाश पाण्डेय के प्रचार कार्य के वास्ते छापे जाने वाले पैम्फलेट से कई मुद्दों को हटवा दिया गया है, हल्द्वानी के चुनाव कार्यालय के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि आफिस भी सरकार की आलोचना को सिरे से कैसे काट दे रहा है ।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दोहरे मापदंड बन्द होने चाहिए , सरकार की आलोचना से बचना लोकतंत्र के लिए खतरा है । भाजपा-कांग्रेस के नेता एक दूसरे के खिलाफ लगातार बड़े आरोप लगा रहे हैं। उनके खिलाफ भी चुनाव आयोग को कार्यवाही करनी चाहिए बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए , उन्होंने अपने प्रकरण को पार्टी राज्य चुनाव आयोग के समक्ष उठाने की बात की है।
कैलाश पांडे उतराखण्ड का इतिहास पर पीएचडी किये हैं साथ ही रास्ट्रीय स्थानीय आंदोलनों में भागीदारी ,नेतृत्व कर चुके हैं वह अभी तक के बहु विषयों में डिग्री धारी हैं, अपने नामांकन में उन्होंने बताया है कि उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से इतिहास, दर्शन शास्त्र, और अनौपचारिक शिक्षा में गोल्ड मैडल हासिल किया है ।
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