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उत्तराखण्ड

Uttarakhand : राज्य में 2017 के मुकाबले कई प्रतिशत कम हुआ है मतदान,साफ हो रही है मतदान की तस्वीर,कम वोटिंग से किसको होगा फायदा.पढ़िए @हिलवार्ता

उत्तराखण्ड में किसकी बनेगी सरकार यह तो 10 मार्च को ही पता चल पाएगा । लेकिन 10 मार्च तक कयासों का बाजार तेजी से बढ़ने के आसार कल वोटिंग के बाद से ही शुरू हो गए है । राज्य ने बीते कल मतदान 6 बजे जैसे ही समाप्त हुआ सोशल मीडिया में मतदान प्रतिशत को लेकर अलग अलग आंकड़े आ रहे हैं । आयोग द्वारा डेटा एकत्र कर अपनी साइट को अपडेट किया जा रहा है ।

ज्ञात रहे कि राज्य के पर्वतीय जिलों के कई दुर्गम बूथों में संचार व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने की वजह तत्काल आंकड़े संकलन में दिक्कतें आती रही हैं ।

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देहरादून स्थित sdc foundation इलेक्शन कमीशन के वोटर टर्न आऊट एप के माध्यम से जिलेवार हुए मतदान का आंकड़ा जारी किया है ।
आइये देखते हैं विधानसभा चुनाव 2022 में किस जिले में कितना मतदान हुआ ।

1.हरिद्वार . 74.06 %
2.उधमसिंह नगर 71.45%
3.उत्तरकाशी 67.32%
4.नैनीताल 65.85
5.देहरादून। 62.40
6.चंपावत 61.83
7.बागेश्वर 61.08
8.रुद्रप्रयाग 60.49
9.चमोली 60.32
10.पिथौरागढ़ 59.94
11.टिहरी 55.57
12.पौड़ी 53.14
13.अलमोड़ा 52.82

राज्य के हरिद्वार जिले में सर्वाधिक 74.06 मतदान हुआ जबकि सबसे कम अलमोड़ा में 52.82 % मतदान हुआ । इस तरह राज्य में 2022 विधानसभा चुनाव में कुल 64.29 % मतदान हुआ है । हालांकि वोटर्स टर्न आउट 62.02 % रहा इसमें इलेक्टोरल वोट अगर जोड़ दें तब यह आंकड़ा 64 % है जोकि 2017 में हुए मतदान की अपेक्षा कम है ।  राज्य में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के लिए कुल 65.60 % मतदान हुआ जबकि 2022 में यह आंकड़ा गिरकर 62.02% आ गया । वर्ष 2012 की अपेक्षा राज्य में 2017 में 1.25% मतदान में गिरावट देखी गई थी जबकि आज आये ताजा अपडेट के बाद इस बार यह तय हो गया कि इस बार वोटिंग प्रतिशत में गिरावट है ।

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हालांकि चुनाव आयोग मतदान बढ़ाने के लिए कई तरह की कोशिशों को अंजाम देता है । वावजूद इसके राज्य के पर्वतीय जिलों में मत प्रतिशत में गिरावट दर्ज की जा रही है ।

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अब यहां बात की जाए कि कम वोटिंग से फायदा मौजूद सरकार को है या विपक्ष को इसका फायदा मिलेगा । चुनाव जानकर मानते हैं कि जहां जहां वोटिंग अधिक है वहां बदलाव के संकेत हैं । जहां कम वोटिंग है वहां या तो यथास्थिति मसलन विधायक रिपीट हो सकता है  । अब 10 मार्च तक इन कयासों की असलियत तक इंतजार करना होगा ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

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