Breaking News

Big Breaking : गुरुग्राम में हुई सीए की गिरफ्तारी के विरोध में हलद्वानी के चार्टर्ड अकाउंटेंट मुखर,सीबीआइसी को ज्ञापन सौंपा,जीएसटी रिफण्ड का है मामला,पढ़े @हिलवार्ता Uttarakhand : पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए जाने वाले उमेश डोभाल पुरस्कारों की घोषणा हुई,शोसल,इलेक्ट्रॉनिक,और प्रिंट मीडिया लिए चयनित हुए चार नाम,खबर @हिलवार्ता Special report : देहरादून के दो युवाओं ने बना दिया एक ऐसा सॉफ्टवेयर जो देगा अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर को टक्कर ,खबर @हिलवार्ता चंपावत उपचुनाव : पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत सीट से अपना पर्चा दाखिल किया, सुबह खटीमा में पूजा अर्चना के बाद पहुचे चंपावत खबर @हिलवार्ता Ramnagar : साहित्य अकादमी पुरस्कार से अलंकृत दुधबोली के रचयिता मथुरा दत्त मठपाल की पहली पुण्यतिथि पर जुटे साहित्यकार, कल होगी दुधबोली पर चर्चा,खबर @हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

Haldwani : world tuberculosis day special : राजकीय मेडिकल कॉलेज हलद्वानी में विश्व टीबी दिवस पर आज दिनांक 24 मार्च, 2022 गुरूवार को राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी के टीबी एवं श्वास रोग विभाग द्वारा मेडिकल काॅलेज परिसर के लेक्चर थियेटर में गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमे मेडिकल कालेज के प्राचार्य विभागध्यक्ष टीवी चेस्ट सहित कई विभागों के प्रोफेसर सहित छात्र छात्राएं मौजूद रही ।

आयोजित गोष्ठी का विषय एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबीः डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट और माॅनिटरिंग रखा गया था। गोष्ठी का शुभारंभ डाॅ अरूण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल काॅलेज द्वारा किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता डाॅ राजीव टण्डन, (प्रोफेसर, रेस्पीरेट्री मेडिसिन विभाग), राम मूर्ति स्मारक इन्स्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज बरेली, द्वारा फेफड़ों की टीबीके अलावा अन्य अंगो से सम्बन्धित टीबी (एक्सट्रापल्मोनरी टीबी) की जाॅच एवं उपचार विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

गोष्ठी में डाॅ राजीव टण्डन ने एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 20 प्रतिशत मरीजों में टीबी का संक्रमण फेफड़ों के बजाय अन्य अंगों में पाया जाता है। च्समनतं (फेफड़े की झिल्ली), स्लउची दवकम (लसिका ग्रन्थि), दिमाग, रीड की हड्डी, आंते इनमें प्रमुख हैं।

डा टण्डन ने कहा जहाॅ फेफड़ो की टीबीकी जाॅच बलगम से आसानी से की जा सकती है, जो निःशुल्क व हर जगह उपलब्ध होती है, वहीं एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबीकी जाॅच महंगी एवं हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती है, इसके लिए अधिकतर मरीजों को मेडिकल काॅलेज की सेवाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबीकी जाॅच के लिए स्मियर स्मियर माइक्रोस्कोपी, कल्चर, जीन एक्सपर्ट, साइटोलाॅजी, एडीए लीवल हैं। इसके अतिरिक्त एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्ररासाउंड, एमआरआई, विभिन्न अंगों की इन्डोस्कोपी की भी मदद ली जाती है। एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी मरीजों के इलाज में अधिकांशतः एक से अधिक विशेषज्ञों की सेवाओं की आवश्यकता होती है, वही कुछ रोगियों में लम्बे इलाज की आवश्यकता पड़ती है। गोष्ठी में मानव शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाली टीबी के बारे में विस्तार से बताया गया।

वर्ल्ड टीबी डे के अवसर पर आयोजित इस गोष्ठी में डाॅ अरूण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल काॅलेज, डाॅ राम गोपाल नौटियाल, विभागाध्यक्ष टीबी एवं श्वास रोग विभाग, डा जीएस तित्याल, डा उमेश, डाॅ उर्मिला पलड़िया, डा विनीता रावत, डा साधना अवस्थी, डा सौरभ अग्रवाल, डा परमजीत सिंह, डा रीना भारद्वाज, डाॅ हरि शंकर पाण्डेय, डा प्रभात पंत, डाॅ अंशुल केड़िया, नागेन्द्र प्रसाद जोशी, अमित जोशी समेत रेजीडेण्ट चिकित्सक व एमबीबीएस के छात्र-छात्रायें मेडिकल कालेज के जनसंपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती सहित कई कर्मचारियों ने शिरकत की ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments