Breaking News

Big breaking:2023 के बाद Johnson & Johnson टेल्क पाउडर होगा बाजारों से गायब, पाउडर में कैंसर के लिए जिम्मेदार अवयव मिलने के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना,पूरी खबर पढिये@हिलवार्ता Good initiative : रामनगर स्थित public school ने उत्तराखंड के आजादी के नायकों की फ़ोटो गैलरी बनाकर की मिशाल कायम,खबर विस्तार से@हिलवार्ता Big Breaking: उत्तराखंड के लाल लक्ष्य सेन ने commenwealth games का स्वर्ण पदक जीत रचा इतिहास,पूरी खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : दुखद खबर: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक का निधन, पूरी जानकारी @हिलवार्ता Haldwani धरना अपडेट :सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन, एक हप्ते में होगा समाधान ,जलभराव से निजात के लिए चल रहा धरना स्थगित,विधायक भी पहुँचे धरनास्थल,खबर@ हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय हर साल अंतर्राष्‍ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्‍करी निरोध दिवस के रूप में मनाता है जन जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते है इस साल भी आज जवाहर लाल नेहरू मैदान में एक रन आयोजित की गई.
सूचना के अनुसार अंतर्राष्‍ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्‍करी निरोध दिवस’पर पिछले 16 वर्षों से एक वार्षिक कार्यक्रम के रूप में‘मादक पदार्थ निरोध रन’का सफल आयोजन किया जा रहा है,भारत सरकार के सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के इस आयोजन में 1992 की एशियाई मैराथन चैंपियन डॉ. सुनीता गोदारा सहयोगी हैं, एनआईएसडी,नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो,दिल्‍ली सरकार के निषेध निदेशालय जैसी शीर्ष एजेंसियों के साथ संयुक्‍त राष्‍ट्र की एजेंसियां और ओएनजीसी, गेल,इंडियन ऑयल, आईजीएल, पेट्रोनेट, एनडीएमसी, आईटीएस, एलपीयू जैसी साझेदार कंपनियां इस वार्षिक आयोजन में सहयोग करते हैं.

जन जागरूकता जरूरी है लेकिन इससे तस्करी पर कितनी रोक लग पाई यह देखना जरूरी है विगत वर्षों में 2017-2018 में उत्तराखण्ड में ही एनडीपीएस के मामलों पर नजर डालें तो आपकी आँख खुली रह जाएगी,राजधानी देहरादून नशे की गिरफ्त के मामलों में पहले उधमसिंह नगर जिला दूसरे नंबर पर है इधर पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार आ रही खबरे चिंताजनक है पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर जा रहे कतिपय युवा ड्रग्स का शिकार हो रहे हैं उनमें से ही कुछ युवा इस कारोबार का हिस्सा बन पर्वतीय क्षेत्रों में पकड़े भी गए है.
वर्ष 2017 में प्रदेश में 1037 मामले एनडीपीएस में दर्ज हुए और 1091 गिरफ्तारियां हुई जबकि 2016 में इसी अपराध में 631 मामले और गिरफ्तारियां 672 हुई 2018 आते आते 1 जनवरी से 31 मई तक 572 मामले दर्ज हुए इस साल का और वर्ष 2019 का जोड़कर देखा जाय तो राज्य में इन मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है । युवा पीढ़ी को इस लत से बचाने की पुरजोर कोशिश की जरूरत है,जिसमे अभी विभाग और सरकार की कोशिशें नाकाफी दिखती है.
हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta.com