Breaking News

Big breaking:2023 के बाद Johnson & Johnson टेल्क पाउडर होगा बाजारों से गायब, पाउडर में कैंसर के लिए जिम्मेदार अवयव मिलने के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना,पूरी खबर पढिये@हिलवार्ता Good initiative : रामनगर स्थित public school ने उत्तराखंड के आजादी के नायकों की फ़ोटो गैलरी बनाकर की मिशाल कायम,खबर विस्तार से@हिलवार्ता Big Breaking: उत्तराखंड के लाल लक्ष्य सेन ने commenwealth games का स्वर्ण पदक जीत रचा इतिहास,पूरी खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : दुखद खबर: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक का निधन, पूरी जानकारी @हिलवार्ता Haldwani धरना अपडेट :सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन, एक हप्ते में होगा समाधान ,जलभराव से निजात के लिए चल रहा धरना स्थगित,विधायक भी पहुँचे धरनास्थल,खबर@ हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

एग्जिट पोल्स के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी दुबारा सत्ता में लौट रही है अधिकतर एग्जिट पोल्स ने आम आदमी पार्टी के पक्ष में आंकड़े प्रस्तुत किये हैं

सुदर्शन न्यूज़– आप 40-45। भाजपा 24-28। कांग्रेस 2-3 ।

टाइम्स नाउ इप्सोस — आप 44 भाजपा 26 कांग्रेस 0 ।

एबीपी न्यूज़ सी वोटर -आप 49-63 । भाजपा 5-19 कांग्रेस 0-4

टीवी 9 भारतवर्ष – आप 54। भाजपा 15 कांग्रेस 1 ।

रिपब्लिक टीवी-जन की बात– आप 48-61 भाजपा 9-21 कांग्रेस 0-1

इंडिया न्यूज -नेता आप– 53-57 भाजपा 11-17 कांग्रेस 0-2

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज मतदान समाप्त होने तक लगभग 55 प्रतिशत मतदान हुआ है आम आदमी पार्टी भाजपा कांग्रेस सहित कुल 672 उम्मीदवार अपनी किस्मत को ईवीएम में कैद करा चुके हैं 11 फरवरी के दिन यह तय हो जाएगा कि दिल्ली की कुर्सी के लिए जनता ने किसके पक्ष में कितना भरोसा किया यहै और किसे कुर्सी सौप भरोसा जताया है


देश की नजरें दिल्ली चुनाव पर टिकी है दिल्ली में भाजपा ने जहां राष्ट्रीय मुद्दों सहित सी ए ए को मुद्दा बनाया वहीं केजरीवाल ने स्वास्थ्य शिक्षा को चुनावी मुद्दा बनाया तीसरे नंबर पर मानी जा रही कांग्रेस ने शीला दीक्षित सहित अपने समय मे दिल्ली के विकास की बातों से आमजन को रिझाने की कोशिश की ।


2015 में अप्रत्याशित तरीके से केजरीवाल ने 70 विधानसभा सीटों पर कब्जा कर भाजपा को 3 विधानसभाओं तक सीमित कर दिया था और कांग्रेस को खाता तक नही खुलवाने दिया 2020 में भाजपा कांग्रेस के लिए अपने प्रदर्शन को सुधारने की चुनौती मिली वहीं आम आदमी पार्टी को अपने खेमे में 2015 की तरह की जीत के आसपास ही रहने की चुनौती ।

बहरहाल केजरीवाल की वापसी साफ दिखाई दे रही है असल परिणाम क्या हैं 11 फरवरी तक इंतजार करना होगा ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क

@हिलवार्ता.कॉम