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भीमताल की पहाड़ियों पर हो रहे निर्माण को लेकर स्थानीय लोग मुखर हैं उन्होंने कहा कि आम आदमी को एक कमरे का नक्शा पास कराना आफत और बड़े बिल्डर पूरा भीमताल खोद डालें सब चुपचाप देखते रहें भीमताल में यही हो रहा है प्राधिकरण जहाँ आम आदमी के नकेल कसने में कोई कसर नहीं छोड़ता वही बड़े बिल्डर कंपनियों द्वारा अवैध निर्माणों को पिछले दरवाजे संरक्षण भी देता है ,क्या कारण हैं कि पूरी मशीनरी 20 किलोमीटर के दायरे में है और नैनीताल झील से लेकर मुक्तेश्वर तक पूरे पहाडों पर बहुमंजिला इमारतें बन रही हैं और बड़े निर्माण भी तेजी से हुए जा रहे हैं ,भीमताल जुनस्टेट की ओर हो रहे इस निर्माण की लीगल स्टेज जो भी हो लेकिन जो दिख रहा है वह निर्माण के पीछे की पहाड़ी के लिए खतरा बन चुका है ।
सबसे बड़ी भूगर्भ की जानकर मनुष्य की आंखें है पहाड़ में वर्षों के अनुभव की जानकर आंखें देखते ही कह सकती है कि इस तरह के कच्चे पहाड़ों पर किसी भी स्तर का स्ट्रक्चर उस पहाड़ के लिए ठीक नहीं है ,अगर सच होता तो नैनीताल बलिया नाला और उत्तरकाशी के वरुणावत पर्वत का भूस्खलन कबके रुक गया होता या एक्सपर्ट ने रोक ही दिया होता अब तक अरबो खर्च हो गए लेकिन सवाल जस का तस
1990 के आसपास इसी पहाड़ी पर तत्कालीन यूपी के प्रमुख सचिव अखण्ड प्रताप सिंह ने इस इलाके में झील संरक्षण के लिए बने कानून में अपने निर्माण के लिए स्वयं के अनुरूप बदलाव किये जिसका बड़ा विरोध हुआ, लेकिन सब कुछ होते रहा जिसके बाद झीलों के इर्द गिर्द आननफानन बड़े निर्माणों की बाढ़ आ गई और देखते देखते झीलें अपने बुरे दौर की ओर लगातार अग्रसर हैं ।
इधर हरिद्वार निवासी अमरीश कुमार त्यागी की पीआईएल के बाद माननीय हाई कोर्ट का निर्णय आया कोर्ट ने निर्देशित किया था कि झील के 2 km दायरे में निर्माण पर पाबंदी लगाई जाय, जो लंबे समय से लागू थी इधर चूंकि आवासीय भवन निर्माण रुक गए, लिहाजा कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश ले आये,अब फिर दनादन नक्से पास हुए और पहाड़ों में किसी भी स्तर के निमार्ण हो रहे हैं .
भीमताल के प्रखर जोशी कहते हैं झील विकास प्राधिकरण जैसी संस्थाओं के बस में इन बड़े बिल्डरों के खिलाफ कार्यवाही की हिम्मत ही नहीं है प्राधिकरण तो गरीब के लिए बना है , कहते हैं प्राधिकरण सरकार की मानता है क्योकि सरकारी विभाग है और सरकार विल्डरों की मानती है यही देखने मे आता है , यही कारण है कि सभी जगह आराम से निर्माण चल पड़ते हैं ।
जागरूक लोग अपने इर्द गिर्द संसाधनों की चिंता करते हैं यही इस बार भी हुआ है स्थानीय युवा भीमताल बचाओ और इस तरह के निर्माण को खतरा मान जिले के आला अधिकारियों से मिल रहे हैं जिनमे मनोज भट्ट जिला पंचायत सदस्य सुनीता पांडे ,पंकज जोशी ,सौरभ रौतेला ,भास्कर ,शरद पांडे भारत लोशाली सहित कई लोग हैं जो इस निर्माण की वजह भीमताल पर खतरा मान सवाल कर रहे हैं कि नियम कानून सिर्फ आम आदमी के लिए हैं बड़े विल्डरों और धनवानों के लिए नही उन्होंने इसकी जांच की मांग की है इस आशय का पत्र भी संबंधित अधिकारियों को सौप दिया है देखना होगा आगे क्या होता है

Hillvarta news desk

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