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ज्यादा शक्कर से सिर्फ वजन नहीं बढ़ता है,यह अन्य कई प्रकार की परेशानियों का कारण बन रही है विशेषज्ञ कहते हैं अगर आपको स्वस्थ रहना है अपने भोजन में टोटल कैलोरी को केलकुलेट कीजिये,आए दिन खान पान में बदलाव हो रहा है जंक फूड बच्चों का प्रिय भोजन बन रहा है शादी व्याह पार्टियों में दर्जनों व्यंजन आहार का हिस्सा बन रहे हैं भरपेट भोजन के पश्चात मीठा खाना जिसमे पेय पदार्थ संग आइसक्रीम मिठाइयां जरूरी हिस्सा बन गया है तब बीमारी न हो तो क्या होगा.
इन सभी भोज्य पदार्थों में शुगर की मात्रा इतनी होती है जिसके बाद हमें चीनी या मीठा खाने की जरूरत ही नहीं है लेकिन हम खाते हैं और शरीर को उसे पूर्ण रूप से पचवाने के लिए अधिक काम करवाते हैं चीनी में सिर्फ कैलोरी होती है उसमे प्रोटीन,विटामिन या खनिज आदि पोषक तत्व नहीं होते हैं यह याद रखना जरूरी है कि ज्यादा चीनी के उपयोग से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है .
दरसल हमें उर्जा के लिए ग्लूकोस की आवश्यकता होती है जबकि जब हम चाय मिठाई के संग चीनी का सेवन करते ही रहते हैं ज्ञात रहे तब यह चीनी ग्लूकोस न होकर फ्रुक्टोज़ के रूप में लीवर में जाता है हम जो खाना खाते हैं उससे हमें पाचन पश्चात ग्लूकोस मिलता है और ग्लूकोस कोशिकाओं द्वारा अवशोषित हो खून में मिलता है जिससे हमें ऊर्जा यानी सीधे ताकत मिलती है जबकि चीनी जो फ्रुक्टोज़ के तौर पर होता है को ग्लूकोस में बदलने के लिए लीवर के पास भेजा जाता है लीवर अधिक फ्रुक्टोस को फैट में बदलता है,जिससे उस पर अनावश्यक कार्यभार बढ़ता है,कम मात्रा में शक्कर हो तो लीवर उसे ग्लाइकोजेन में बदलकर खुद के पास जमा कर लेता है ताकि जरुरत पड़ने पर काम आ सके,लेकिन ज्यादा मात्रा उसके लिए भी आफत पैदा करता है,चीनी जितनी स्वाद में मीठापन देती है वहीं शरीर को कडुवा घूंट पीने पर मजबूर करती है यह बात सभी जानते हैं कि मीठे से बचना चाहिए लेकिन कंट्रोल करना बेहद कठिन की प्रतिदिन कितना मीठा खाएं,जितना हम मीठा खा रहे हैं उससे स्वास्थ पर कितना बुरा प्रभाव पड़ रहा है इसका अंदाज तब होता है जब बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अगर आपको स्वस्थ रहना है तो पुरुषों को प्रतिदिन 37.5 ग्राम या 9 चम्मच छोटी से अधिक नहीं लेनी चाहिए वहीं महिलाओं को अधिकतम 25 ग्राम या 6 छोटी चम्मच से ज्यादा चीनी बीमारी तरफ ले जाएगी
यह मात्रा शारीरिक श्रम वाले स्त्री पुरुषों में थोड़ा ज्यादा हो सकती है सामान्य कामकाज वालों को इस मानक से अधिक चीनी जानलेवा हो सकती है,ज्यादा वजन होने से शुगर बीपी लिवर केंसर संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है.
अगर आप चाहते हैं कि आप स्वस्थ रहें आपको अपनी कमाई का बडा हिस्सा इलाज में खर्च ना करना पड़े तो स्वाद के लिए मीठे की आदत बन्द करनी होगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों ने अपने खान पान की आदतों को जितना सुधार लिया है विकासशील देश उससे ज्यादा बिगाड़ रहे हैं उनकी ज्यादा कैलोरी लेने की आदत उन्हें बीमारी की ओर धकेल रही हैं जिसे नियंत्रित किया जाना जरूरी है.
हिलवार्ता हेल्थ डेस्क
@hillvarta. com