Breaking News

Doctor,s Day 1st july 2022 special report:”अग्रिम मोर्चे पर फैमिली डॉक्टर,थीम के साथ Doctor,s Day सेलिब्रेशन आज. डॉ एन एस बिष्ट का विशेष आलेख पढिये @हिलवार्ता Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता Uttrakhand:हिमांचल की तर्ज पर राज्य में ग्रीन सेस लगाए जाने की जरूरत, बेतहासा पर्यटक,धार्मिक टूरिस्म प्राकृतिक संसाधनों पर भारी,पढ़ें@हिलवार्ता Haldwani : प्रसिद्ध लोक साहित्यकार स्व मथुरा दत्त मठपाल स्मृति दो दिवसीय कार्यशाला 29-30 जून एमबीपीजी में,100 कुमाउँनी कवियों के कविता संग्रह का होगा विमोचन, खबर@हिलवार्ता Uttrakhand : मानसून ने दी दस्तक, राज्य के मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट, मुनस्यारी ने तेज बारिश के बाद सड़क यातायात प्रभावित,खबर@हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

बड़ी खबर : लंबे समय से राज्य के पीसीएस आईएएस संवर्ग मिलने की बाट जोह रहे थे आज उनकी मुराद पूरी हुई । आज सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद सरकार को एक माह में डीपीसी करने और 18 सीनियर पीसीएस को 2015 से आईएएस कैडर में शामिल करने का आदेश दिया है ।

2002 बैच के जिन पीसीएस अधिकारियों को आईएएस में प्रोमोट होना है । उनमें ललित मोहन रयाल,मेहरबान सिंह बिष्ट, हरीश कांडपाल,गिरधारी रावत,आनंद श्रीवास्तव,आलोक पांडे, बंशीधर तिवारी,रुचि रयाल, झरना कमठान, दीप्ति सिंह,रवनीत चीमा,प्रकाश चंद्र,निधि यादव,प्रशांत,विनोद गिरी गोस्वामी,आशीष भटगई,संजय सहित नवनीत पांडे शामिल हैं ।

दरअसल इस प्रकिर्या को समझने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर एक पीसीएस प्रमोशन के बाद आईएएस कब और कैसे बनेगा ।

यह भी पढ़ें 👉  Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता

आईएएस का चयन केंद्र द्वारा किया जाता है जबकि पीसीएस का चयन राज्य सरकार द्वारा । किसी भी राज्य में आईएएस और पीसीएस के बीच निर्णायक शक्तियों,जिम्मेदारी का अंतर होता है । एक समयावधि बाद पीसीएस को प्रोमोट होकर किस पद पर पहुँचना है यह अलग अलग राज्यों की सरकारों की प्रक्रिया पर निर्भर होता है । कहीं पीसीएस को सचिव स्तर पर प्रोमोट किया जाता है और उसे कैडर आईएएस का दे दिया जाता है । कुछ प्रदेशों में एक निश्चित अवधि 15 साल से 20 साल के बीच अधिकारियों को आईएएस में प्रोमोट कर दिया जाता है । ऐसा ही राज्य पीपीएस के मामले में भी होता है पीपीएस को भी एक निश्चित समयावधि के बाद आईपीएस कैडर में प्रोमोट कर दिया जाता है ।

यह भी पढ़ें 👉  Doctor,s Day 1st july 2022 special report:"अग्रिम मोर्चे पर फैमिली डॉक्टर,थीम के साथ Doctor,s Day सेलिब्रेशन आज. डॉ एन एस बिष्ट का विशेष आलेख पढिये @हिलवार्ता

उत्तराखंड की बात करें तो यहां कुछ साल पहले पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस कैडर दे दिया गया लेकिन राज्य के पहले पीसीएस के बैच को आईएएस कैडर से वंचित रखा गया था । मामला कई बार केंद्र और राज्य के संज्ञान ने लाया गया लेकिन कोई निर्णय नही हुआ । बताया जाता है कि एक लाबी राज्य के इन अफसरों को किसी भी हालत में आईएएस कैडर न मिलने की जुगत भिड़ाते रहती थी । लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राज्य के पहले बैच के 18 अफसरों में से 14 को एक माह के बाद आईएएस कैडर मिल जाएगा । बचे हुए चार को जैसे ही पद खाली होगा प्रोमोट कर दिया जाएगा ।

तमाम कोशिशों के बाद भी जब इन अधिकारियों को प्रमोशन के लिए सभी लेवल पूर्ण करने के बाद भी जब  राज्य सरकार से न्याय नही मिला तो इस कैडर को प्राप्त करने में इन अफसरों को सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुँचना पड़ा । 2002 बैच के पीसीएस विनोद गिरी गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में मानहानि याचिका दायर की जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया कि एक माह के भीतर डीपीसी कर पात्र अधिकारियों को आईएएस में पदोन्नत किया जाए ।

यह भी पढ़ें 👉  Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता

उपरोक्त सभी 2002 बैच के पीसीएस की जल्द आईएएस कैडर में प्रमोशन मिलने के बाद उक्त सभी जिलों में जिलाधिकारी नियुक्त होने के हकदार हो जाएंगे ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

,
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments