Breaking News

Big Breaking : लक्ष्य सेन India Open Badminton 2022 के फाइनल में पहुँचे, विश्व चेम्पियन लोह किन यू से होगा मुकाबला : पूरी खबर @हिलवार्ता विधानसभा चुनाव 2022 : पर्वतीय क्षेत्रों में कम लोग कर रहे मतदान, 2017 का ट्रेंड जारी रहा तो कई दलों का चुनावी गणित होगा प्रभावित, विशेष रिपोर्ट @हिलवार्ता विधानसभा चुनाव 2022: हलद्वानी में मेयर डॉ जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ही होंगे भाजपा के खेवनहार, सूत्रों से खबर @हिलवार्ता पिथौरागढ़ : 11 माह पहले सेना भर्ती के लिए मेडिकल फिजिकल पास कर चुके युवा लिखित परीक्षा न होने से परेशान, पूर्व सैनिक संगठन से मिले कहा प्लीज हेल्प, खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : विधानसभा चुनाव नामांकन में 15 दिन शेष, समर्थक बेचैन, उम्मीदवारों का पता नहीं, सीमित समय में चुनावी कैम्पेन से असल मुद्दों के गायब होने का अंदेशा,क्यों और कैसे, पढिये@हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

हिलवार्ता डेस्क :

16,17 दिसम्बर बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 

केंद्र सरकार संसद में बैंकिंग कानून संसोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। जिसका यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन विरोध कर रही है । सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत विफल होने के बाद कल देश भर के सार्वजनिक क्षेत्र की 4 हजार से अधिक शाखाओं में कार्य प्रभावित रहेगा । युफबीयू के अनुसार कल 16 और परसों 17 दिसम्बर 2021 को देश भर के 9 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे ।

यह भी पढ़ें 👉  पिथौरागढ़ : 11 माह पहले सेना भर्ती के लिए मेडिकल फिजिकल पास कर चुके युवा लिखित परीक्षा न होने से परेशान, पूर्व सैनिक संगठन से मिले कहा प्लीज हेल्प, खबर@हिलवार्ता

बैंक यूनियन के नेताओं ने कहा है कि केंद्र सरकार विधेयक के जरिए सरकारी बैंकों का निजीकरण का रास्ता ख़ोलने जा रही है । उन्होने आरोप लगाया कि सरकार ने हालिया सार्वजनिक क्षेत्र जे बैंकों का इस्तेमाल निजी संकटग्रस्त बैंकों के लिए कर सार्वजनिक बैंकों की नींव कमजोर करने का कार्य किया है । ग्लोबल ट्रस्ट बैंक ,यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक और बैंक आफ कराड को बड़ा राहत पैकेज दिया गया है । यही नहीं यस बैंक को जहां स्टेट बैंक आफ इंडिया ने संकट से उबारा है जबकि गैर बैंकिंग वित्त कम्पनी को एलआईसी और एसबीआई ने संकटमुक्त किया है।

यह भी पढ़ें 👉  विधानसभा चुनाव 2022 : पर्वतीय क्षेत्रों में कम लोग कर रहे मतदान, 2017 का ट्रेंड जारी रहा तो कई दलों का चुनावी गणित होगा प्रभावित, विशेष रिपोर्ट @हिलवार्ता

बैंक कर्मियों का कहना है कि सार्वजनिक बैंकों को 13 कंपनियों के बकाया कर्ज की वजह कुल 2.85 लाख करोड़ का घाटा झेलना पड़ा है । आंकड़ों के अनुसार देश की 13 निजी कंपनियों के पास 4 लाख 86 हजार 8 सौ करोड़ रुपये की देनदारी थी केंद्र ने इन देनदारियों का 1लाख 61 हजार 820 करोड़ ने निपटारा कर दिया जिस कारण सार्वजनिक बैंकों का 2 लाख 84 हजार 980 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है ।

यह भी पढ़ें 👉  विधानसभा चुनाव 2022: हलद्वानी में मेयर डॉ जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ही होंगे भाजपा के खेवनहार, सूत्रों से खबर @हिलवार्ता

ज्ञात रहे कि युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के तहत बैंकों की नौ यूनियनें आती हैं जो इस हड़ताल का हिस्सा हैं । इधर उत्तराखंड ने ग्रामीण बैंक कर्मचारी यूनियन ने भी यूएफबीयू को समर्थन की घोषणा की है ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

, , ,
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments