Breaking News

Doctor,s Day 1st july 2022 special report:”अग्रिम मोर्चे पर फैमिली डॉक्टर,थीम के साथ Doctor,s Day सेलिब्रेशन आज. डॉ एन एस बिष्ट का विशेष आलेख पढिये @हिलवार्ता Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता Uttrakhand:हिमांचल की तर्ज पर राज्य में ग्रीन सेस लगाए जाने की जरूरत, बेतहासा पर्यटक,धार्मिक टूरिस्म प्राकृतिक संसाधनों पर भारी,पढ़ें@हिलवार्ता Haldwani : प्रसिद्ध लोक साहित्यकार स्व मथुरा दत्त मठपाल स्मृति दो दिवसीय कार्यशाला 29-30 जून एमबीपीजी में,100 कुमाउँनी कवियों के कविता संग्रह का होगा विमोचन, खबर@हिलवार्ता Uttrakhand : मानसून ने दी दस्तक, राज्य के मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट, मुनस्यारी ने तेज बारिश के बाद सड़क यातायात प्रभावित,खबर@हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

हिलवार्ता डेस्क :

16,17 दिसम्बर बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 

केंद्र सरकार संसद में बैंकिंग कानून संसोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। जिसका यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन विरोध कर रही है । सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत विफल होने के बाद कल देश भर के सार्वजनिक क्षेत्र की 4 हजार से अधिक शाखाओं में कार्य प्रभावित रहेगा । युफबीयू के अनुसार कल 16 और परसों 17 दिसम्बर 2021 को देश भर के 9 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे ।

यह भी पढ़ें 👉  Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता

बैंक यूनियन के नेताओं ने कहा है कि केंद्र सरकार विधेयक के जरिए सरकारी बैंकों का निजीकरण का रास्ता ख़ोलने जा रही है । उन्होने आरोप लगाया कि सरकार ने हालिया सार्वजनिक क्षेत्र जे बैंकों का इस्तेमाल निजी संकटग्रस्त बैंकों के लिए कर सार्वजनिक बैंकों की नींव कमजोर करने का कार्य किया है । ग्लोबल ट्रस्ट बैंक ,यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक और बैंक आफ कराड को बड़ा राहत पैकेज दिया गया है । यही नहीं यस बैंक को जहां स्टेट बैंक आफ इंडिया ने संकट से उबारा है जबकि गैर बैंकिंग वित्त कम्पनी को एलआईसी और एसबीआई ने संकटमुक्त किया है।

यह भी पढ़ें 👉  Doctor,s Day 1st july 2022 special report:"अग्रिम मोर्चे पर फैमिली डॉक्टर,थीम के साथ Doctor,s Day सेलिब्रेशन आज. डॉ एन एस बिष्ट का विशेष आलेख पढिये @हिलवार्ता

बैंक कर्मियों का कहना है कि सार्वजनिक बैंकों को 13 कंपनियों के बकाया कर्ज की वजह कुल 2.85 लाख करोड़ का घाटा झेलना पड़ा है । आंकड़ों के अनुसार देश की 13 निजी कंपनियों के पास 4 लाख 86 हजार 8 सौ करोड़ रुपये की देनदारी थी केंद्र ने इन देनदारियों का 1लाख 61 हजार 820 करोड़ ने निपटारा कर दिया जिस कारण सार्वजनिक बैंकों का 2 लाख 84 हजार 980 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है ।

यह भी पढ़ें 👉  Dehradun : धामी सरकार के 100 दिन पूरे, शिक्षा मित्र और अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ा,खबर@हिलवार्ता

ज्ञात रहे कि युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के तहत बैंकों की नौ यूनियनें आती हैं जो इस हड़ताल का हिस्सा हैं । इधर उत्तराखंड ने ग्रामीण बैंक कर्मचारी यूनियन ने भी यूएफबीयू को समर्थन की घोषणा की है ।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

, , ,
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments