उत्तराखण्ड
स्वस्थ शरीर की शुरुआत बेहतर ओरल हाइजीन से होती है : डॉ. प्रेरणा जोशी
काशीपुर : स्वस्थ शरीर और स्वस्थ जीवनशैली के लिए ओरल हाइजीन यानी मुंह एवं दांतों की स्वच्छता का विशेष महत्व है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तता के बीच लोग अक्सर अपने शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दांतों और मौखिक स्वच्छता की नियमित देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ओरल हाइजीन की अनदेखी का असर बच्चों से लेकर वयस्कों तक के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
इसी उद्देश्य से होली एंजेल पब्लिक स्कूल, खरमासा में विद्यार्थियों के लिए विशेष दंत स्वास्थ्य एवं ओरल हाइजीन जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में प्रख्यात दंत चिकित्सक डॉ. प्रेरणा जोशी ने विद्यार्थियों के दांतों का परीक्षण किया और उन्हें मौखिक स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं व्यवहारिक सुझाव दिए।
डॉ. प्रेरणा जोशी ने कहा कि “स्वस्थ शरीर की नींव बेहतर ओरल हाइजीन से भी जुड़ी होती है।” आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अपने स्वास्थ्य की नियमित देखभाल के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। बच्चों में बढ़ता जंक फूड, अत्यधिक मीठे पदार्थों का सेवन और दांतों की नियमित सफाई में लापरवाही ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का प्रमुख कारण बन रही है। बच्चों में दांतों की साफ-सफाई की कमी के साथ दांतों का टेढ़ा-मेढ़ा होना, कैविटी और मसूड़ों से संबंधित समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में सामान्य रूप से लोग ओरल हाइजीन को उतनी प्राथमिकता नहीं देते, जितनी आवश्यकता है। इसके विपरीत विकसित देशों में बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल में ओरल हाइजीन को शुरुआती उम्र से ही महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। वहां नियमित दंत परीक्षण और दांतों की देखभाल को स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या का आवश्यक हिस्सा माना जाता है।
डॉ. जोशी के अनुसार विकसित देशों में दांतों एवं ओरल हाइजीन से संबंधित उपचार और देखभाल पर भी काफी ध्यान दिया जाता है। बच्चों के दांतों की नियमित जांच, ब्रश करने की सही तकनीक, खान-पान की आदतों और दांतों की संरचना पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे भविष्य में होने वाली कई समस्याओं को समय रहते रोका जा सके।उन्होंने कहा कि ओरल हाइजीन केवल दांतों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों को कम उम्र से ही दिन में दो बार ब्रश करने, सही तरीके से ब्रश करने, अत्यधिक मीठे एवं जंक फूड से बचने तथा नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच कराने की आदत डालनी चाहिए।
इसी जागरूकता को आगे बढ़ाते हुए डॉ. प्रेरणा जोशी ने होली एंजेल पब्लिक स्कूल में दंत स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को ओरल हाइजीन के व्यावहारिक टिप्स दिए। उन्होंने बच्चों के दांतों की जांच के साथ उन्हें यह भी समझाया कि दांतों की समस्या होने का इंतजार करने के बजाय नियमित देखभाल और समय-समय पर जांच अधिक बेहतर विकल्प है।
शिविर में प्री-नर्सरी एवं नर्सरी से लेकर कक्षा 1 से 11 तक के विद्यार्थियों का क्रमबद्ध रूप से दंत परीक्षण किया गया। बच्चों के साथ संवाद करते हुए डॉ. जोशी ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और स्वस्थ दांतों एवं बेहतर मुस्कान के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी।विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी उनके समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में बचपन से ही स्वस्थ आदतें विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ प्रेरणा ने बताया कि देखभाल किसी समस्या के बाद नहीं, बल्कि समस्या से पहले शुरू होनी चाहिए। स्वस्थ दांत केवल सुंदर मुस्कान नहीं देते, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की पहचान भी हैं।”हिलवार्ता न्यूज डेस्क रिपोर्ट


