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केदारनाथ आपदा के आज नौ वर्ष पूरे हुए । आज ही के दिन नौ साल पहले हजारों लोगों ने प्रकृति का भयावह रूप देखा । देश भर से तीर्थाटन को पहुचे श्रद्धालुओं ने आपदा में कई  सगे संबंधियों को खो दिया । 

ज्ञात रहे कि केदारनाथ आपदा प्रदेश में 16 जून 2013 की रात्रि आई जिसमें छ हजार के करीब लोगों ने अपनी जान गवाई । लगातार हुई बारिश के बाद मंदिर से ऊपर स्थित चौराबाड़ी झील के टूटने से केदारनाथ के आसपास के इलाके जलमग्न हो गए पानी मंदाकिनी नदी में उतरा जिस वजह नदी किनारे भी भारी तबाही हुई थी । सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31,83 लोगो का कोई पता आज तक नही लग पाया है ।

आपदा के दौरान पुलिस के पास आपदा के बाद कुल 1840 एफआईआर दर्ज हुईं. बाद में पुलिस ने सही तफ्तीश करते हुए 1256 एफआईआर को वैध मानते हुए कार्रवाई की. पुलिस के पास 3,886 गुमशुदगी दर्ज हुई. जिसमें से विभिन्न सर्च अभियानों में 703 कंकाल बरामद किए गए ।
कुल 1840 एफआईआर दर्ज हुईं. बाद में पुलिस ने सही तफ्तीश करते हुए 1256 एफआईआर को वैध मानते हुए कार्रवाई की. पुलिस के पास 3,886 गुमशुदगी दर्ज हुई. जिसमें से विभिन्न सर्च अभियानों में 703 कंकाल बरामद किए गए ।

आपदा की नौंवी बरसी में  उत्तराखंड में कई जगह श्रद्धाजंलि अर्पित की है सोनप्रयाग में भी युवाओं  और स्थानीय निवासियों ने आपदा में जान गंवाने वाले मृतकों की आत्मा की शाँति के लिए दो मिनट का मौन रख कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की ।

सोनप्रयाग के नजदीक सीतापुर में जुटे युवाओं ने सरकार और प्रशासन से भी गुहार लगाई की भविष्य में ऐसी आपदा दोबारा न आये इसके लिए तकनीकी तौर से मजबूत और अधिकारियों को भी मुस्तैद रहने की आवश्यकता है । यूकेडी के युवा नेता लूशुन टोडरिया ने कहा कि आपदा में मारे गए मृतकों को सच्ची श्रद्धांजलि वह होगी जब तमाम यात्री और स्थानीय लोग आस पास गंदगी नही फैलाएंगे तथा केदारनाथ व आस पास के क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित नही करेंगे ।

वहीं टिहरी क्षेत्र के डागर पट्टी निवासी मनोज नेगी ने कहा कि सरकार और प्रशासन को मानसून के आस पास और भी ज्यादा सक्रिय तरीके से कार्य करना चाहिए ताकि यात्रियों से लेकर स्थानीय निवासियों को कोई परेशानी न हो । श्रद्धांजलि देने वालो में मुकेन्द्र सिंह नेगी,बिजेंद्र सिंह जयाड़ा,दिगम्बर सिंह नेगी,अनिल सिंह, मनोहर सिंह आदि मौजूद रहे।

हिलवार्ता न्यूज डेस्क 

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