Breaking News

Big breaking:2023 के बाद Johnson & Johnson टेल्क पाउडर होगा बाजारों से गायब, पाउडर में कैंसर के लिए जिम्मेदार अवयव मिलने के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना,पूरी खबर पढिये@हिलवार्ता Good initiative : रामनगर स्थित public school ने उत्तराखंड के आजादी के नायकों की फ़ोटो गैलरी बनाकर की मिशाल कायम,खबर विस्तार से@हिलवार्ता Big Breaking: उत्तराखंड के लाल लक्ष्य सेन ने commenwealth games का स्वर्ण पदक जीत रचा इतिहास,पूरी खबर@हिलवार्ता उत्तराखंड : दुखद खबर: उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पाठक का निधन, पूरी जानकारी @हिलवार्ता Haldwani धरना अपडेट :सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन, एक हप्ते में होगा समाधान ,जलभराव से निजात के लिए चल रहा धरना स्थगित,विधायक भी पहुँचे धरनास्थल,खबर@ हिलवार्ता
ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर की तराई में कल सूबे की भाजपा सरकार ने एम्स सेटेलाइट सेंटर ख़ोलने की घोषणा की है । शाम सरकार की तरफ से केंद्र द्वारा सेटेलाइट सेंटर खोले जाने की मंजूरी पत्र जारी करते हुए कहा गया है कि केंद्र सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है जल्द ही उधमसिंहनगर नगर में सेंटर के लिए जमीन ढूढने का काम शुरू किया जाएगा ।

ज्ञात रहे कि एम्स ऋषिकेश बनने के बाद से ही पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत देखते हुए विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संगठन राज्य के दूसरे हिस्से कुमायूँ में भी एम्स ख़ोलने की मांग कर रहे थे । सत्तारूढ और विपक्षी दलों के नेताओ ने भी कुमायूँ में एम्स की पैरवी की थी ।

विगत एक साल से  एम्स कुमायूँ मंडल में खोले जाने को लेकर सोशल मीडिया और अन्य फोरम्स ने मांग की जा रही थी । भाजपा विधायक महेश नेगी ने जहां पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र भेजकर एम्स एचएमटी परिसर में ख़ोलने को पत्र लिखा वहीं नैनीताल सांसद रक्षा राज्य मंत्री ने भी एम्स की पैरवी की । इसी तरह राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा भी एम्स की पैरवी कर चुके हैं ।

इधर मांग तेज होते ही पिथौरागढ़ बागेश्वर या पर्वतीय जिलों के मध्य किसी स्थान पर एम्स की मांग की जाने लगी  । स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित पर्वतीय जिलों में एम्स के बनने से सुधार की संभावनाओं को देखा जा रहा था लेकिन सरकार द्वारा कल एम्स के बजाय एम्स एम्स ऋषिकेश का सुपर स्पेशलिटी सेटेलाइट सेंटर की घोषणा की गई । जिससे पर्वतीय क्षेत्र में एम्स की मांग करने वालों को झटका लगा है । सेंटर को खोले जाने के बाद जहां भाजपा समर्थकों द्वारा खुशी जाहिर की जा रही है वहीं पहाड़ में एम्स चाहने वालों को निराशा हुई है ।

राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने एक बयान में कहा है कि लोगों की आवश्यकता अनुसार कुमायूँ में सेटेलाइट सेंटर नहीं बल्कि पूर्ण एम्स की जरूरत थी । उन्होंने कहा कि कुमायूँ के सुदूरवर्ती इलाकों से एम्स दिल्ली और एम्स ऋषिकेश समान दूरी पर हैं लिहाजा जनता की जायज मांग की अनदेखी हुई है । उन्होंने यह भी कहा कि जब पर्वतीय राज्य जम्मू कश्मीर में दो एम्स हो सकते हैं तो उत्तराखंड में क्यों नहीं । टम्टा ने बताया कि बिहार में दो एम्स बनाए गए हैं उसी तर्ज पर जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्तराखंड में एम्स बनना चाहिए ।

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments