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गैरसैंण राजधानी के लिए संघर्षरत 35 आंदोलनकारियों ने आज जमानत लेने से इनकार कर दिया.उन्होंने कहा कि राजधानी की मांग का अधिकार उनको संविधान प्रदत अधिकार है लिहाजा वह जमानत लेने से बेहतर जेल जाना चाहेंगे.मुंसिफ मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 38 नामजद आंदोलनकारियों में से कोर्ट में पहुचे 35 जिनमे 24 महिलाएं और 11 पुरुष है को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.अगली 22 जुलाई को अगली पेशी होगी.
राज्य निर्माण के बाद से ही राज्य की स्थायी राजधानी की मांग कर रहे क्षेत्रीय दलों की सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा से भिड़न्त का यह पहला मामला नहीं है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में महिला आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी राज्य आंदोलन के बाद आज ही हुई है.



आन्दोलनकारीओं पर सड़क जाम सहित 11 धाराओं में दर्ज मुकदमे हैं आज पेशी में उपस्थित आंदोलनकारियों की पैरवी अधिवक्ता के एस बिष्ट ने की और अवगत कराया कि आन्दोलनकारीओं द्वारा जमानत लेने से इंकार किये जाने के बाद लोअर डिविजन मजिस्ट्रेट अमित भट्ट ने 35 आन्दोलनकारीओं को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
आज चूंकि आंदोलकारियों की पेशी होनी थी उससे पहले ही गैरसैण स्थायी राजधानी समर्थकों का पहुचना जारी रहा.रामलीला मैदान में एक सभा हुई जिसमें यह फैसला लिया गया कि किसी भी कीमत पर आंदोलनकारी जमानत नहीं लेंगे और जेल जाएंगे. फैसले के बाद से ही सभी के जेल ले जाये जाने के दौरान पुलिस और आंदोलन समर्थकों के बीच झड़प की खबरें हैं समर्थकों ने आंदोलनकारियों को जेल ले जा रहे वाहन के आगे जबरदस्त नारेबाजी कर आक्रोश जताया.बस में बैठे आंदोलनकारियों ने आंदोलन को जारी रखने और राज्य सरकार के खिलाफ खूब नारे बाजी की है.

आंदोलनकारियों के समर्थन में प्रदेश के हर कोने से सैकड़ों लोग शामिल हुए है श्री नारायण सिंह बिष्ट,चारु तिवारी अनुसूया प्रसाद मैखुरी,पी सी तिवारी,इन्द्रेश मैखुरी,सुरेंद्र सिंह बिष्ट,के एस बिष्ट,मोहित डिमरी,वीरेंद्र मिंगवाल,सुमति बिष्ट, सिंह रावत,कृष्णा नेगी, मनीष सुंंद्रियाल,धनीराम,महेश पाण्डे महेश भारद्वाज कुंदन सिंह बिष्ट, किरन,गोपाल,सत्यपाल सिंह नेगी,राय सिंह बिष्ट,कान्ता प्रसाद ढौंडियाल,रमेश दत्त नौटियाल,मुकेश नेगी,राजेन्द्र भण्डारी राजेंद्र बिष्ट,मानसिंह,कुंवर सिंह रावत,जगदीश टम्टा जगदीश ढ़ौडियाल,सोबन सिंह शाह,रणजीत शाह, मनवर सिंह, गोपाल दत्त पंत, मोहनराम, बृजमोहन राज, जगदीश टम्टा, मुकेश ढौंडियाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

आंदोलनकारियों ने कहा है कि राज्यसरकार की असलियत सामने आ गई है कांग्रेस और बीजेपी चुनाव के समय गैरसैण राजधानी का मुद्दा अपने एजेंडे शामिल करती आ रही है फिर गैरसैंण राजधानी बनाओ कहना अपराध की श्रेणी में कैसे आ जाता है ?.आंदोलनकारियों ने कहा है कि सत्ता प्राप्त कर सरकारों का दोहरा मानदंड सामने आता रहा है,प्रदेश को गर्त में डालने का षडयंत्र सफल नहीं होने दिया जाएगा.और कहा कि आंदोलनकारियों पर मुकदमे इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार गैरसैण के नाम पर जनता के साथ सिर्फ धोखा कर रही है, राज्य आंदोलनकारियों का दमन कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका राज्यभर में प्रतिरोध किया जाएगा.प्रमुख वक्ताओं ने बताया है कि आंदोलन को तेज किये जाने को रणनीति तैयार हो गई है.

हिलवार्ता न्यूज डेस्क
@hillvarta. com

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