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उत्तराखण्ड

Uttarakhand election 2022 : जागरूक मतदाता की उम्मीदवार से हुई तीखी बहस,मांगा 20 साल का हिसाब,देखिए सब कुछ vedio में@हिलवार्ता

Uttarakhand : राज्य में मतदान की तिथि निकट है । एक दिन बाद प्रचार थम जाएगा । कई बातें जो जनता की थी सामने नही आई कई राज जो राजनेताओं के थे किसी बड़ी हलचल के गर्त में चले गए । कारण कोविड और उसकी वजह आयोग द्वारा लागू पाबंदियां ।

बहरहाल राज्य में 14 फरवरी को मतदान होगा । मतदान के बाद उम्मीदवारों की जनता से मुख़ातिबि होगी भी यह रहस्य का मामला है । लेकिन अगर जनता जागरूक है । जनता के सामने किसी न किसी रूप में प्रकट होना ही पड़ता है वह है आंदोलन । अब सवाल यह है कि जब समस्याओं के निराकरण के लिए ही जनप्रतिनिधियों का चुनाव होता है तो सबसे अच्छा मौका कब होता है ?  कि वह आपकी उपेक्षाओं पर खरा उतरे । शायद आप भी सहमत होंगे और कहेंगे चुनाव ।

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जी हां चुनाव में वोट मांग रहे उम्मीदवार से यदि जनता सवाल करने की आदत बना ले तो आधी समस्याओं का निराकरण सम्भव है । राज्य में एक ऐसा मामला उजागर हुआ है जिसमे एक जागरूक मतदाता उम्मीदवार के सामने पिछले 20 साल का हिसाब मांग रहा है । हालांकि यहां मामला उम्मीदवार से गर्मागर्म बहस में तब्दील हो शांत हो गया लेकिन उम्मीदवार को जनता के साथ होने और चुनाव के बाद भाग जाने से पहले सोचने पर मजबूर जरूर करेगा । मामला उत्तराखंड की यमकेश्वर सीट से जुड़ा है यहां भाजपा विधायक उम्मीदवार को एक जागरूक नागरिक प्रमोद काला के प्रश्नों का उत्तर देना भारी पड़ गया । आइये देखिये vedio में .

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Vedio credit social media

यमकेश्वर विधानसभा सीट की द्वारीखाल ब्लॉक के देवीखाल में बीजेपी द्वारा जनसभा का आयोजन किया गया था जिसमे कई कार्यकर्ता उम्मीदवार के समर्थन में सभा कर रहे थे । जनसभा में देवीखाल के निवासी प्रमोद काला भी पहुँचे थे। उन्होंने अपने की सड़क का मुद्दा रखा, जैसे ही प्रमोद काला और विधायक प्रत्याशी रेनू बिष्ट ने कुछ बहस हुई लेकिन काला ने विगत 20 साल से उपेक्षापूर्ण रवैये पर तीखी बातें कही ।

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हालांकि बताया गया है कि प्रमोद भाजपा कार्यकर्ता हैं लेकिन उसके बावजूद उन्होंने जिस अंदाज में उम्मीदवार से सवाल जबाब किए वह एक जागरूक नागरिक के कर्तब्यनिर्वाह्न की ओर इशारा करता है । निसंदेह किसी के आगे नतमस्तक होकर मतदान करने से बेहतर है कि उम्मीदवार को जनोन्मुखी बनाए रखने के लिए प्रश्न पूछने की आदत आम मतदाता में होनी ही चाहिए । चाहे वह किसी भी दल या विचारधारा का हो । राज्य में हो रहे चुनाव प्रचार में अब घण्टों का समय बचा है । मतदान से पहले अपनी जागरूकता का परिचय देकर मताधिकार का प्रयोग करना मजबूत लोकतंत्र की निशानी है ।

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